Thursday, September 10, 2026
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पटना यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा, AISF ने कराया बंद; VC के इस्तीफे की मांग, 4 दिन से भूख हड़ताल

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पटना: पटना विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। अखिल भारतीय छात्र संघ (AISF) के बैनर तले छात्रों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर कामकाज और कक्षाओं को प्रभावित किया। छात्र एलएलबी प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक, PG कक्षाओं की फीस में बढ़ोतरी और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA) की पढ़ाई शुरू नहीं होने समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

आंदोलन के बीच अब छात्रों ने पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह के इस्तीफे की मांग भी तेज कर दी है।

वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने की तालाबंदी

बुधवार को कुलपति की ओर से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया था। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई, लेकिन छात्रों के मुताबिक उनकी मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।

वार्ता बेनतीजा रहने के बाद गुरुवार सुबह AISF कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। छात्रों ने प्रशासनिक कार्यालयों में कामकाज रोकने के साथ कई स्थानों पर तालाबंदी की।

प्रदर्शनकारियों ने कार्यालयों की लाइटें बंद कराईं और अकादमिक काउंसिल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। इसके अलावा उर्दू विभाग और वाणिज्य महाविद्यालय की कक्षाओं को भी खाली कराकर बंद कराया गया।

VC के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र

आंदोलन कर रहे छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें हटाने की मांग की। छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है और लगातार टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है।

AISF छात्र देव पाठक ने कहा कि यदि दूसरे आंदोलनों के दबाव में बड़े पदों पर बैठे लोगों को इस्तीफा देना पड़ सकता है, तो पटना विश्वविद्यालय के कुलपति को भी अपनी कथित विफलताओं और रवैये की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

आंदोलन में शामिल छात्रा सबीना ने डफली बजाकर विरोध जताया। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

चार दिन से भूख हड़ताल, छात्रों की तबीयत बिगड़ी

AISF के कई छात्र पिछले चार दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के कारण कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से चिकित्सकों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है।

इससे पहले भी आंदोलनकारी छात्रों ने कुलपति का घेराव किया था और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों को लेकर शहर में विरोध मार्च निकाला था।

10 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन

AISF की ओर से छात्रों के हित से जुड़ी कई मांगें उठाई जा रही हैं। इनमें एलएलबी प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच, PG पाठ्यक्रमों की फीस में बढ़ोतरी का विरोध और MFA की पढ़ाई शुरू करने जैसी मांगें शामिल हैं।

छात्र संगठन का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनकी मांगों को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसी वजह से आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।

आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

AISF पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने चेतावनी दी है कि यदि संगठन की 10 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कुलपति को तत्काल हटाने की मांग दोहराई है। वहीं, आंदोलन के कारण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।

अब निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच समाधान नहीं निकलता है तो छात्रों का आंदोलन और उग्र होने की संभावना है।

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