बलिया: भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी एमएलसी पवन सिंह से जुड़े गुजारा भत्ता मामले में बलिया की पारिवारिक अदालत ने सुनवाई के दौरान उनकी गैरहाजिरी पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पत्नी ज्योति सिंह की ओर से दाखिल मेंटनेंस पिटिशन पर बुधवार को सुनवाई होनी थी। इस दौरान पवन सिंह का बयान दर्ज किया जाना था, लेकिन वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सके।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
पवन सिंह की गैरहाजिरी पर लगा जुर्माना
ज्योति सिंह की मेंटनेंस पिटिशन पर जज कमलापति प्रजापति की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पवन सिंह का बयान दर्ज किया जाना था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए।
पवन सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह के मुताबिक, पटना में बाढ़ की स्थिति के कारण पवन सिंह अदालत नहीं पहुंच सके। उनकी ओर से सुनवाई स्थगित करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था।
हालांकि, अदालत ने सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर पवन सिंह पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
ज्योति सिंह के वकील ने भी उठाया सवाल
वहीं, ज्योति सिंह के अधिवक्ता ने दावा किया कि पवन सिंह इससे पहले 11 अगस्त को भी अपना पक्ष रखने के लिए अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। बुधवार को ज्योति सिंह अपने अधिवक्ता के साथ अदालत पहुंची थीं।
दोनों पक्षों के बीच तलाक और गुजारा भत्ता से जुड़ा मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
2018 में हुई थी पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी
पवन सिंह की पहली शादी नीलम सिंह से हुई थी। वर्ष 2015 में नीलम सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद पवन सिंह ने 7 मार्च 2018 को बलिया निवासी रामबाबू सिंह की बेटी ज्योति सिंह से शादी की थी।
दोनों की शादी बलिया के एक होटल में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में विवाद की खबरें सामने आने लगी थीं। इसके बाद मामला तलाक और गुजारा भत्ता तक पहुंच गया।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल ज्योति सिंह की मेंटनेंस पिटिशन पर बलिया की पारिवारिक अदालत में सुनवाई जारी है। बुधवार की सुनवाई में पवन सिंह की गैरहाजिरी के चलते अदालत ने उन पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। उस दिन मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और पवन सिंह के बयान को लेकर सुनवाई होने की उम्मीद है।







