Thursday, September 10, 2026
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दानापुर में युवक की मौत का मामला उलझा, परिजनों ने ट्रेन से गिरने की बात नकारी; लूट के बाद फेंकने का आरोप

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पटना: दानापुर GRP के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नेऊरा-बिहटा रेलवे ट्रैक पर 7 सितंबर को युवक का शव मिलने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक की पहचान कैलाश कुमार के रूप में हुई है। परिवार ने इस बात से इनकार किया है कि कैलाश की मौत चलती ट्रेन से दुर्घटनावश गिरने के कारण हुई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ट्रेन में लूटपाट के बाद कैलाश को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया।

परिजनों के आरोपों के बाद अब मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

चार लोगों पर मारपीट और लूट का आरोप

परिजनों के मुताबिक, कैलाश कुमार और उसका दोस्त रितेश ट्रेन में सफर कर रहे थे। इसी दौरान चार लोग उनके पास पहुंचे और कथित तौर पर खुद को STF पुलिस का जवान बताया।

आरोप है कि इन लोगों ने कैलाश और रितेश के साथ मारपीट की और दोनों से रुपये तथा सामान छीन लिए। परिवार का दावा है कि कैलाश ने लूटपाट का विरोध किया, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ और मारपीट की।

परिजनों के अनुसार, इसके बाद कैलाश के हाथ-पैर बांधकर उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

दोस्त रितेश घायल हालत में मिला

घटना में कैलाश का दोस्त रितेश भी घायल हुआ है। परिजनों के अनुसार, रितेश बाद में पटना में घायल अवस्था में मिला। फिलहाल उसका इलाज एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने रितेश से घटना के संबंध में पूछताछ कर उसका बयान भी लिया है। परिवार का कहना है कि रितेश ने भी कैलाश के साथ लूटपाट और उसके बाद उसे ट्रेन से फेंके जाने की बात बताई है।

हालांकि, रितेश के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की आधिकारिक जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

हाथ बंधे होने की तस्वीर से उठे सवाल

परिजनों ने दानापुर GRP की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पुलिस की ओर से दिखाई गई तस्वीर में कैलाश का हाथ पीछे की तरफ बंधा हुआ नजर आ रहा था।

इसी आधार पर परिवार सवाल उठा रहा है कि यदि युवक की मौत महज ट्रेन से गिरने के कारण हुई थी, तो उसके हाथ बंधे होने की स्थिति की जांच किस स्तर पर की गई।

परिजनों का यह भी आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद 72 घंटे पूरे होने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

पुलिस ने जांच का दिया भरोसा

दानापुर GRP प्रभारी अजय कुमार ने कैमरे पर इस मामले में बयान नहीं दिया। हालांकि, बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान यह सामने आता है कि युवक को लूटपाट के बाद चलती ट्रेन से बाहर फेंका गया था, तो आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल

इस घटना के बाद ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर परिजनों के आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो यह रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला होगा।

फिलहाल पुलिस घायल रितेश के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैलाश की मौत दुर्घटना में हुई या वास्तव में उसके साथ लूटपाट और हिंसा की घटना हुई थी।

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