बेगूसराय: जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची अंचलाधिकारी रानू कुमार के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। घटना बनवारीपुर पंचायत भवन के समीप लखनपुर पुल के पास की बताई जा रही है। अंचलाधिकारी की ओर से मामले में सात नामजद और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ भगवानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
अतिक्रमण हटाने पहुंची थी प्रशासन की टीम
बताया जा रहा है कि लखनपुर पुल के पास सरकारी जमीन पर कथित तौर पर अवैध रूप से गुमटी और दुकान लगाए जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसके बाद अंचलाधिकारी रानू कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी।
इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला धक्का-मुक्की से मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि कुछ लोग लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर मौके पर पहुंच गए और अंचलाधिकारी के साथ मारपीट की।
जान से मारने और पुल से नीचे फेंकने की धमकी का आरोप
अंचलाधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर के मुताबिक, मारपीट के दौरान उन्हें कथित तौर पर जान से मारने और लखनपुर पुल के नीचे फेंक देने की धमकी भी दी गई।
घटना के दौरान अंचलाधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
घायल अंचलाधिकारी का कराया गया इलाज
घटना में घायल अंचलाधिकारी को इलाज के लिए भगवानपुर पीएचसी ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट की खबर सामने आने के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
अंचलाधिकारी के अनुसार, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और विवाद बढ़ने के बाद उन पर हमला किया गया।
सात नामजद समेत अज्ञात लोगों पर केस
मामले में अंचलाधिकारी की शिकायत पर भगवानपुर थाने में सात नामजद और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब एफआईआर में नामजद आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासनिक अधिकारी के साथ हुई कथित मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और सरकारी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।







