Tuesday, July 7, 2026
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चमोली भूस्खलन: सेना और आईटीबीपी का रेस्क्यू अभियान तेज, मुख्यमंत्री ने जाना घायलों का हाल

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चमोली भूस्खलन: सेना और आईटीबीपी का रेस्क्यू अभियान तेज, मुख्यमंत्री ने जाना घायलों का हाल

भारत-चीन सीमा पर स्थित चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए भीषण हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को बचाने का अभियान तीव्र गति से जारी है। पिछले कल से शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना और आईटीबीपी की टीमों ने अब तक 47 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया है। इस दौरान छह घायलों को हेलिकॉप्टर के जरिए ज्योर्तिमठ स्थित सेना चिकित्सालय में भेजा गया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी जोशीमठ आर्मी हेलीपेड पहुंचे और वहां लाए गए घायलों का हालचाल लिया, ताकि राहत कार्य में कोई कमी न हो।

माणा में हुए हिमस्खलन को लेकर आज जीओसी इन सी सेंट्रल कमांड, लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और जीओसी उत्तर भारत एरिया के साथ-साथ डीजीबीआर घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं। अगर मौसम अनुकूल रहा, तो लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता मीडिया को घटनास्थल की स्थिति के बारे में ब्रीफ करेंगे। बर्फ में फंसे एक और घायल मजदूर को ज्योर्तिमठ लाया गया है, और अब आठ मजदूरों की तलाश जारी है। सुबह से दस मजदूरों को रेस्क्यू किया गया है, जबकि कुल 47 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

चमोली के माणा में हिमस्खलन के चलते एसडीआरएफ ने जौलीग्रांट से अलर्ट जारी कर दिया था और तीन हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीमों को जौलीग्रांट, सहस्रधारा और गोचर में तैनात किया गया। मौसम के साफ होते ही ये टीमें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। गोचर और सहस्रधारा में आठ-आठ सदस्यीय दो टीमें और जौलीग्रांट में बटालियन की दस सदस्यीय टीम को तैनात किया गया है। इन टीमों को सेटेलाइट फोन और बर्फ में रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरण प्रदान किए गए हैं।

इसके अलावा, एसडीआरएफ को भी अलर्ट किया गया है। यदि घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा जाता है, तो ढालवाला की टीम को भी रेडी रखा गया है। पुलिस महानिदेशक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू के लिए तीन विशेष टीमों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया है। मौसम ठीक होते ही यह टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं हैं और इन टीमों में अत्यधिक प्रशिक्षित जवानों को शामिल किया गया है।

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