Thursday, September 10, 2026
Home जुर्म पटना सचिवालय में फर्जी अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने का खेल, दो गिरफ्तार;...

पटना सचिवालय में फर्जी अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने का खेल, दो गिरफ्तार; पुलिस वर्दी और फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद

4

पटना: बिहार की राजधानी पटना के सचिवालय थाना क्षेत्र से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। सचिवालय थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूलने की कोशिश करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कथित फर्जी नियुक्ति पत्र और स्टांप समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े से कितने लोग जुड़े हैं।

विभाग के बरामदे में संदिग्ध तरीके से बैठा था आरोपी

जानकारी के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग में सहायक शाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात राजनाथ सिंह को सूचना मिली थी कि कल्याण विभाग के बरामदे में एक व्यक्ति बैनर लगाकर बैठा हुआ है।

बताया गया कि वह बैनर के जरिए सीडीपीओ की नियुक्ति से संबंधित जानकारी किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर दिखा रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने के बाद उससे पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान उस व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य विभाग की प्रशाखा-3, पटना में पदस्थापित प्रशाखा पदाधिकारी बताया। जब उसके पहचान पत्र की जांच की गई तो वह कथित तौर पर फर्जी पाया गया।

इसके बाद विभाग की ओर से तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सचिवालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताने का आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार शुक्ल के रूप में हुई है। आरोप है कि वह खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों को अपने प्रभाव का भरोसा देता था। वह लोगों से यह कहकर पैसे लेने की कोशिश करता था कि सरकारी विभाग में उसकी पहुंच है और वह नियुक्ति कराने में मदद कर सकता है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरीके से कितने लोगों से संपर्क किया और कितनी रकम की कथित वसूली की गई।

साले को फर्जी पुलिस कांस्टेबल बनाने का आरोप

मामले में अजय कुमार शुक्ल के साले राजा कुमार, उम्र करीब 32 वर्ष, को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके पिता का नाम शिव शंकर झा बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, राजा कुमार भी कथित तौर पर इस फर्जीवाड़े में आरोपी का सहयोग करता था। आरोप है कि अजय कुमार शुक्ल ने अपने साले को फर्जी पुलिस कांस्टेबल के रूप में तैयार किया था।

इसके लिए पुलिस की वर्दी और कथित फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जाता था। दोनों आरोपी सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी होने का प्रभाव दिखाकर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते थे।

तीन मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी दस्तावेज बरामद

सचिवालय थाना पुलिस ने आरोपियों के पास से कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान में—

  • तीन मोबाइल फोन
  • एक लैपटॉप
  • दो पुलिस वर्दी
  • दो कथित फर्जी आईकार्ड
  • दो कथित फर्जी नियुक्ति पत्र/प्रशस्ति पत्र
  • स्टांप

समेत अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनका इस्तेमाल कितने लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने में किया गया।

फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस कथित फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया और नौकरी दिलाने के नाम पर कितनी रकम की कथित ठगी की।

इसके अलावा फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज कहां तैयार किए गए, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि इस मामले में आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here