Wednesday, July 15, 2026
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17 बार बने ‘श्रीकृष्ण’, फिर जनता ने बनाया मुख्यमंत्री—जानिए साउथ के महानायक NTR की कहानी

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जब भी भारतीय पौराणिक किरदारों की बात होती है, तो लोगों के मन में कुछ चेहरे हमेशा के लिए बस जाते हैं। राम के रूप में Arun Govil और सीता के रूप में Deepika Chikhalia की तरह ही, भगवान श्रीकृष्ण के किरदार में जिस अभिनेता ने करोड़ों लोगों का दिल जीता, वो थे N. T. Rama Rao।

17 बार निभाया श्रीकृष्ण का किरदार

साउथ इंडस्ट्री के सुपरस्टार NTR ने अपने फिल्मी करियर में एक-दो नहीं, बल्कि 17 बार भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाई। उनकी मुस्कान, संवाद अदायगी, आंखों की चमक और स्क्रीन प्रेजेंस इतनी प्रभावशाली थी कि दर्शक उन्हें सचमुच श्रीकृष्ण का स्वरूप मानने लगे थे।

उनकी फिल्मों में धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ अभिनय की ऐसी गहराई देखने को मिलती थी, जिसने उन्हें आम कलाकारों से अलग पहचान दिलाई। खास बात ये रही कि उस दौर में गांवों और छोटे शहरों में लोग उनकी तस्वीरों की पूजा तक किया करते थे।

‘मायाबाजार’ से मिली अमर पहचान

1957 में रिलीज हुई फिल्म Mayabazar NTR के करियर की सबसे ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में उनके श्रीकृष्ण अवतार को लोगों ने इतना पसंद किया कि वे घर-घर में लोकप्रिय हो गए। इसके बाद उन्होंने कई पौराणिक फिल्मों में कृष्ण, राम और कर्ण जैसे किरदार निभाए।

उनकी प्रमुख फिल्मों में:

  • Mayabazar
  • Dana Veera Soora Karna
  • Sri Krishnarjuna Yudham
  • Lava Kusa
    जैसी फिल्में शामिल हैं।

फिल्मों से राजनीति तक का सफर

फिल्मों में अपार सफलता मिलने के बाद NTR ने राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने 1982 में Telugu Desam Party की स्थापना की। उस समय आंध्र प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस का दबदबा था, लेकिन NTR ने जनता के बीच जाकर तेलुगु स्वाभिमान का मुद्दा उठाया।

उनकी लोकप्रियता इतनी जबरदस्त थी कि मात्र कुछ ही महीनों में उनकी पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और वे Andhra Pradesh के मुख्यमंत्री बन गए।

जनता उन्हें ‘भगवान’ मानने लगी थी

NTR का लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बेहद खास था। जब वे चुनाव प्रचार के लिए निकलते थे, तो हजारों लोग सिर्फ उनकी एक झलक पाने उमड़ पड़ते थे। कई ग्रामीण इलाकों में लोग उन्हें अभिनेता नहीं, बल्कि भगवान का अवतार मानते थे।

उनकी राजनीति की सबसे बड़ी ताकत यही थी कि जनता उन्हें पर्दे वाले कृष्ण और वास्तविक जीवन के मसीहा—दोनों रूपों में देखती थी।

कई बार बने मुख्यमंत्री

NTR ने 1983 से 1995 के बीच कई बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल में उन्होंने गरीबों और किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। उनके शासन को आज भी दक्षिण भारतीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जाता है।

72 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

18 जनवरी 1996 को 72 साल की उम्र में NTR का निधन हो गया। लेकिन आज भी उनका नाम भारतीय सिनेमा और राजनीति के इतिहास में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है।

उनके जीवन की सबसे खास बात यही रही कि उन्होंने सिर्फ फिल्मों में भगवान का किरदार नहीं निभाया, बल्कि जनता के दिलों में भी वैसी ही जगह बनाई।

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