टीवी के रियलिटी शोज को लेकर अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि क्या इनमें दिखाए जाने वाले इमोशंस, ड्रामा और कंटेस्टेंट्स की कहानियां पहले से स्क्रिप्टेड होती हैं? अब इस बहस पर मशहूर कोरियोग्राफर और जज Geeta Kapoor ने खुलकर अपनी राय रखी है।
इन दिनों India’s Best Dancer सीजन 5 में बतौर जज नजर आ रहीं गीता कपूर ने रियलिटी शोज को फेक बताने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ टीवी पर कुछ मिनट देखकर पूरे शो को ड्रामा बता देते हैं, जबकि असलियत इससे बिल्कुल अलग होती है।
गीता कपूर ने साफ कहा कि कंटेस्टेंट्स की मेहनत, उनकी भावनाएं और संघर्ष पूरी तरह असली होते हैं। उन्होंने आलोचना करने वालों को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि जो लोग इन शोज को महज टीआरपी के लिए किया गया नाटक समझते हैं, वे एक बार सेट पर आकर खुद देखें कि पर्दे के पीछे कितनी मेहनत और भावनाएं जुड़ी होती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई कंटेस्टेंट अपनी जिंदगी की कहानी साझा करता है या इमोशनल हो जाता है, तो वह पल बनावटी नहीं होता। कई बार जज और टीम भी उन भावुक पलों से प्रभावित हो जाते हैं।
सोशल मीडिया पर गीता कपूर का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग उनकी बातों का समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ यूजर्स अब भी रियलिटी शोज की ऑथेंटिसिटी पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि गीता कपूर ने साफ कर दिया कि हर चीज को फेक कहना सही नहीं है और दर्शकों को पर्दे के पीछे की मेहनत को भी समझना चाहिए।







