अररिया: बिहार के अररिया व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) को 10 सितंबर से पहले कथित तौर पर हमला कर नुकसान पहुंचाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। धमकी की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को कोर्ट परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड और सुरक्षा टीम ने कोर्ट रूम, न्यायिक अधिकारियों के कक्ष, कार्यालय, पार्किंग और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की। पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
धमकी भरे पत्र की जांच शुरू
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जिला न्यायालय को प्राप्त एक पत्र में 10 सितंबर से पहले कोर्ट परिसर को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। पत्र भेजने वाले और उसमें किए गए दावों की सत्यता अभी जांच के अधीन है। पुलिस ने स्पष्ट रूप से किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।
मीडिया रिपोर्टों में धमकी मिलने के माध्यम को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में ई-मेल का उल्लेख है, जबकि पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में बंद लिफाफे में पत्र मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां पत्र के स्रोत और उससे जुड़े संपर्क विवरण की पुष्टि कर रही हैं।
कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
अररिया सदर एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने कोर्ट परिसर का सिक्योरिटी ऑडिट भी किया है। प्रवेश द्वारों पर जांच कड़ी कर दी गई है और आने-जाने वाले लोगों तथा सामान पर विशेष नजर रखी जा रही है।
मामले की तकनीकी और आपराधिक पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी वास्तविक सुरक्षा खतरे से जुड़ी है या किसी व्यक्ति द्वारा दहशत फैलाने के उद्देश्य से भेजी गई है।
फिलहाल कोर्ट का कामकाज सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। धमकी की प्रकृति, स्रोत और इसके पीछे कौन है, इसका निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।







