पटना: भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे से जुड़ी 1996 की संधि के भविष्य को लेकर बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने फरक्का बैराज और गंगा जल प्रबंधन के मुद्दे को लेकर 5 सितंबर 2026 से ‘नीतीश संवाद’ अभियान शुरू करने का फैसला किया है। अभियान की शुरुआत बक्सर से होगी और गंगा किनारे बसे 12 जिलों में चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। JDU के मुताबिक संवाद के दौरान बाढ़, कटाव, गाद, सिंचाई और बिहार की भविष्य की जल जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय लोगों से बातचीत की जाएगी।
12 जिलों तक पहुंचेगा ‘नीतीश संवाद’
कार्यक्रम में बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। पहले चरण में 5 सितंबर को बक्सर, 6 सितंबर को भोजपुर, 8 सितंबर को बेगूसराय और 9 सितंबर को खगड़िया में संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है।
संधि के नवीनीकरण से पहले बिहार के हित की मांग
भारत और बांग्लादेश ने दिसंबर 1996 में गंगा के पानी के बंटवारे को लेकर संधि की थी। इसके तहत हर साल जनवरी से मई के बीच फरक्का पर दोनों देशों के बीच पानी का बंटवारा तय व्यवस्था के अनुसार किया जाता है।
JDU का कहना है कि संधि से जुड़े किसी भी भावी फैसले से पहले बिहार की कृषि, सिंचाई, पेयजल और जल प्रबंधन जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी फरक्का बैराज को बिहार में गाद और बाढ़ की समस्याओं से जोड़ती रही है। हालांकि बाढ़ और नदी कटाव के कारण बहुआयामी हैं, इसलिए फरक्का के प्रभाव को लेकर JDU के दावों को पार्टी के राजनीतिक और नीतिगत पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी JDU नेता संजय झा को आश्वस्त किया है कि गंगा जल संधि से जुड़े भावी निर्णयों में बिहार के जल हितों और जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
अब नजर इस बात पर होगी कि ‘नीतीश संवाद’ के जरिए JDU बिहार के जल हितों को कितनी मजबूती से राष्ट्रीय स्तर की नीति और भारत-बांग्लादेश वार्ता के एजेंडे तक पहुंचा पाती है।







