पटना : बिहार में एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को दिलीप जायसवाल ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का पदभार ग्रहण किया। विभाग पहुंचने पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार संभालते ही मंत्री का सख्त तेवर देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभाग में लापरवाही और गलत तरीके से काम करने वाले अधिकारियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
“जनता का विभाग है, शिकायतें दूर करना पहली प्राथमिकता”
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़ा हुआ विभाग है। जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, लगान रसीद और भूमि विवाद जैसे मामलों को लेकर लोगों की काफी शिकायतें रहती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा।
मंत्री ने कहा कि कई बार आम लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अब व्यवस्था को सुधारने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता के काम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भूमि सर्वे को लेकर होगी बड़ी समीक्षा बैठक
दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में चल रहा भूमि सर्वे सरकार की बड़ी योजनाओं में शामिल है। हालांकि सर्वे को लेकर कई जिलों से शिकायतें और भ्रम की स्थिति सामने आई है। इसे देखते हुए जल्द ही विभागीय अधिकारियों के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य को पारदर्शी और तेज गति से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। जहां कहीं भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या होगी, उसे दूर करने का काम किया जाएगा ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
“यह विभाग मेरे लिए नया नहीं”
नए मंत्री ने कहा कि वह पहले भी इस विभाग में काम कर चुके हैं और विभागीय कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित हैं। अधिकारियों के साथ उनका पहले से संवाद रहा है, लेकिन नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अब नए तरीके से विभाग को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग की छवि सुधारना और लोगों का भरोसा मजबूत करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। सरकार चाहती है कि जमीन से जुड़े मामलों का समाधान तेजी से हो और लोगों को पारदर्शी व्यवस्था मिले।
हड़ताल से प्रभावित हुआ था कामकाज
मंत्री ने माना कि पिछले कुछ महीनों में कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से विभागीय कार्य प्रभावित हुए थे। कई मामलों में दाखिल-खारिज और जमीन से जुड़े कार्य लंबित हो गए थे। अब सरकार लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की तैयारी में है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित फाइलों की समीक्षा कर जल्द समाधान निकाला जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मिली अहम जिम्मेदारी
गौरतलब है कि बिहार में गुरुवार को एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था, जिसमें कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े मुद्दे हमेशा संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में नए मंत्री के सामने विभागीय व्यवस्था को दुरुस्त करने और जनता का भरोसा जीतने की बड़ी चुनौती होगी।







