पटना, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के साथ संतुलित एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है।
अपने संदेश में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की आवश्यकता बन चुका है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण, जल संकट तथा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने, बिजली की बचत करने तथा ई-कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करता है। साथ ही दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश देता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत घर और समाज से होती है। यदि प्रत्येक व्यक्ति जल की एक-एक बूंद बचाने, ऊर्जा संरक्षण करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक करना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 5 जून 1972 को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई थी तथा पहली बार वर्ष 1973 में इसे मनाया गया। तब से यह दिवस विश्वभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रमुख माध्यम बन गया है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह दिवस प्रदूषण, जनसंख्या वृद्धि, ग्लोबल वार्मिंग, जैव विविधता संरक्षण, टिकाऊ विकास तथा वन्यजीव अपराध जैसे गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों पर समाज का ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और हरित एवं स्वच्छ बिहार के निर्माण में योगदान दें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान किया जा सकता है।







