डिजिटल पेमेंट की दुनिया में भारत ने एक और बड़ा कदम उठाया है। UPI (Unified Payments Interface) उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया फीचर सामने आया है, जिसके तहत अब एक ही बैंक अकाउंट और UPI प्रोफाइल को एक से अधिक मोबाइल डिवाइस पर इस्तेमाल करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। इस फीचर से खासतौर पर उन लोगों को फायदा होगा जो दो स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं या जिनके पास पर्सनल और ऑफिस फोन अलग-अलग हैं।
क्या है नया फीचर?
अब यूजर अपने उसी बैंक अकाउंट को दूसरे मोबाइल फोन में भी UPI ऐप के जरिए रजिस्टर कर सकते हैं, बशर्ते दोनों डिवाइस पर वही मोबाइल नंबर सक्रिय हो जो बैंक अकाउंट से लिंक है। इसका मतलब यह है कि आपको नया बैंक अकाउंट या अलग UPI आईडी बनाने की जरूरत नहीं होगी।
यदि आपके पास दो स्मार्टफोन हैं और दोनों में आपका बैंक से लिंक मोबाइल नंबर काम कर रहा है, तो आप दोनों डिवाइस पर UPI ऐप सक्रिय कर सकते हैं और लेनदेन कर सकते हैं।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
- दो मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले प्रोफेशनल्स को।
- बिजनेस मालिकों को।
- कंटेंट क्रिएटर्स और फ्रीलांसरों को।
- ऐसे लोगों को जिनके पास एक पर्सनल और एक ऑफिस फोन है।
- बार-बार फोन बदलने वाले यूजर्स को।
कैसे काम करेगा यह फीचर?
मान लीजिए आपके बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर 98XXXXXXXX लिंक है।
- पहले फोन में Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM UPI पहले से चालू है।
- अब दूसरे फोन में भी वही UPI ऐप इंस्टॉल करें।
- बैंक से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापन करें।
- OTP और डेबिट कार्ड वेरिफिकेशन पूरा करें।
- नया UPI PIN सेट या पुराने PIN का उपयोग करें।
- वेरिफिकेशन पूरा होते ही दूसरा फोन भी उसी बैंक अकाउंट से भुगतान कर सकेगा।
क्या दोनों फोन से एक साथ ट्रांजैक्शन हो सकेंगे?
हाँ, दोनों डिवाइस से ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से प्रत्येक ऐप अपना अलग डिवाइस रजिस्ट्रेशन रखता है। यदि किसी एक डिवाइस को हटाया जाता है, तो दूसरे डिवाइस पर सेवा जारी रह सकती है।
सुरक्षा को लेकर क्या कहा गया?
NPCI और बैंकों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर नए डिवाइस पर:
- OTP वेरिफिकेशन होगा।
- डिवाइस बाइंडिंग होगी।
- UPI PIN जरूरी होगा।
- बैंक अकाउंट सत्यापन होगा।
- संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
फोन खो जाए तो क्या करें?
यदि आपका फोन खो जाता है:
- तुरंत UPI ऐप ब्लॉक करें।
- बैंक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
- सिम कार्ड बंद कराएं।
- दूसरे डिवाइस से UPI एक्सेस बनाए रखें।
यही इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है कि एक फोन खराब या गुम होने पर भी दूसरे फोन से भुगतान जारी रखा जा सकता है।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर डिजिटल भुगतान को और आसान बनाएगा। भारत में हर महीने अरबों UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं और मल्टी-डिवाइस एक्सेस से उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।
ध्यान रखें
- दोनों डिवाइस सुरक्षित रखें।
- OTP किसी के साथ साझा न करें।
- केवल आधिकारिक UPI ऐप का उपयोग करें।
- बैंक से लिंक मोबाइल नंबर सक्रिय रखें।
- अनजान लिंक या कॉल से सावधान रहें।
निष्कर्ष
UPI का यह नया फीचर उन करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो एक से अधिक मोबाइल डिवाइस का उपयोग करते हैं। अब एक ही बैंक अकाउंट को कई डिवाइस पर एक्सेस करना आसान होगा और डिजिटल पेमेंट पहले से ज्यादा सुविधाजनक बन सकेगा।







