पटना: भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है। विपक्ष जहां इस मामले में सरकार को घेर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष के नेता लगातार सरकार का पक्ष रख रहे हैं। इसी बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार सरकार अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करती है और किसी भी घटना की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आती है।
उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी एनकाउंटर या पुलिस कार्रवाई को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और राज्य में कानून का स्पष्ट प्रावधान है कि पुलिस किन परिस्थितियों में बल प्रयोग कर सकती है और कब गोली चलाना आवश्यक हो सकता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है। यदि किसी कार्रवाई में कोई अनियमितता सामने आती है तो कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार कानून के शासन में विश्वास रखती है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
भरत तिवारी एनकाउंटर पर बढ़ा सियासी विवाद
भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद पूरे बिहार में इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में सर्व समाज महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर घटना की न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। इस महापंचायत के बाद कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं कुछ नेताओं ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। मामले को लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
विवाद बढ़ने के बाद बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया। जांच आयोग ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और आयोग की टीम भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
परिजनों की न्याय की मांग
भरत तिवारी के परिजनों का आरोप है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर पुलिस की गलती सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हाल ही में भोजपुर के पुलिस अधीक्षक भी भरत तिवारी के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं। प्रशासन ने परिजनों पर दर्ज कुछ मामलों को वापस लेने और सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरा मामला न्यायिक जांच के अधीन है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा ने भी लोगों से अपील की कि अफवाहों से बचें और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने दें। उनका कहना है कि कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरा मामला न्यायिक जांच के अधीन है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा ने भी लोगों से अपील की कि अफवाहों से बचें और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने दें। उनका कहना है कि कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।







