Wednesday, July 15, 2026
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ताजमहल का ईरान कनेक्शन क्या? अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान पर तेहरान का तंज, इतिहास को लेकर छिड़ी नई बहस

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भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio की ताजमहल यात्रा अचानक अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई। आगरा में पत्नी के साथ ताजमहल पहुंचे रूबियो की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, लेकिन इसके बाद ईरान ने इस यात्रा को लेकर ऐसा तंज कसा कि पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई।

दरअसल, हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर रूबियो को ताजमहल के इतिहास और वास्तुकला की सही जानकारी होती, तो शायद वे इसके सामने तस्वीर नहीं खिंचवाते। ईरान ने दावा किया कि ताजमहल एक “ईरानी पत्नी के प्रेम” की निशानी है और इसकी वास्तुकला में ईरानी कलाकारों और फारसी संस्कृति की बड़ी भूमिका रही है।

क्या है ताजमहल का ‘ईरान कनेक्शन’?

इतिहासकारों के अनुसार, Taj Mahal का निर्माण मुगल बादशाह Shah Jahan ने अपनी पत्नी Mumtaz Mahal की याद में करवाया था। मुमताज महल का संबंध फारसी यानी ईरानी मूल से माना जाता है। इतना ही नहीं, ताजमहल की डिजाइन, चारबाग शैली, गुंबद, नक्काशी और दीवारों पर की गई सुलेख कला में फारसी वास्तुकला का गहरा प्रभाव दिखाई देता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि मुगल काल में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा प्रभाव था। मुगल दरबार की आधिकारिक भाषा भी फारसी थी और प्रशासन से लेकर कला-संगीत तक में ईरानी प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता था। ताजमहल उसी इंडो-फारसी विरासत का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।

आखिर ईरान ने क्यों कसा तंज?

ईरान का यह बयान सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं था। दरअसल, हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में तेहरान ने रूबियो की ताजमहल यात्रा को अमेरिका की नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ अमेरिकी सरकार ईरानी सभ्यता को खत्म करने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके नेता ईरानी प्रभाव वाले विश्व धरोहर स्थल के सामने तस्वीरें खिंचवा रहे हैं।

ईरानी दूतावास की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे कूटनीतिक तंज बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे इतिहास की दिलचस्प याद दिलाने वाला बयान कहा।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

रूबियो की तस्वीरों और ईरान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंट गए। कुछ लोगों ने कहा कि ताजमहल भारत की पहचान है और इसे किसी एक देश से जोड़ना गलत है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि मुगल वास्तुकला पर फारसी प्रभाव ऐतिहासिक सच है।

इतिहासकारों का कहना है कि ताजमहल भारतीय, मुगल और फारसी कला का अनोखा संगम है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में गिना जाता है।

“दुनिया के अजूबों में से एक”

अपनी यात्रा के दौरान Marco Rubio ने ताजमहल को “दुनिया के अजूबों में से एक” बताया और कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और विरासत का सम्मान करना जरूरी है।

फिलहाल, ताजमहल का यह “ईरान कनेक्शन” सिर्फ इतिहास की चर्चा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति का नया मुद्दा बन चुका है।

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