रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सेंट्रल रेलवे (Central Railway) ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले कई फूड आइटम्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नए रेट लागू होने के बाद अब यात्रियों को चाय, कॉफी, स्नैक्स और थाली के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बढ़ती लागत, खाद्य सामग्री के दाम और संचालन खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई कीमतें कई प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में लागू कर दी गई हैं।
ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सेंट्रल रेलवे (Central Railway) ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले खाने-पीने के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। अब यात्रियों को चाय, कॉफी, स्नैक्स और थाली जैसी जरूरी चीजों के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि बढ़ती महंगाई, खाद्य सामग्री की कीमतों और ऑपरेशन कॉस्ट को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
नई कीमतें लागू होने के बाद यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं या लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले फूड आइटम्स की कीमतें लंबे समय से लगभग स्थिर थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में दूध, चायपत्ती, सब्जियां, गैस सिलेंडर, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत लगातार बढ़ी है। इसी को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने फूड आइटम्स के रेट में संशोधन किया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई दरें कुछ प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में लागू कर दी गई हैं, जबकि आने वाले दिनों में अन्य जगहों पर भी इन्हें लागू किया जा सकता है।
किन चीजों के बढ़े दाम?
नई दरों के तहत कई फूड आइटम्स महंगे हुए हैं। यात्रियों को अब चाय से लेकर पूरी थाली तक के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे।
संभावित नई कीमतें
| फूड आइटम | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| चाय | ₹10 | ₹15 |
| कॉफी | ₹15 | ₹20 |
| वेज थाली | ₹80 | ₹100 |
| नॉन-वेज थाली | ₹120 | ₹150 |
| समोसा/स्नैक्स | ₹15-20 | ₹25 तक |
| पानी की बोतल | ₹15 | ₹20 |
हालांकि अलग-अलग स्टेशनों और ट्रेनों के हिसाब से कीमतों में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
यात्रियों की बढ़ी चिंता
फूड आइटम्स के दाम बढ़ने के बाद यात्रियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई यात्रियों का कहना है कि रेलवे पहले ही टिकट के दाम बढ़ा चुका है और अब खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो रही हैं।
मुंबई से पटना जाने वाले एक यात्री ने कहा,
“लंबी यात्रा में बाहर का खाना लेना मजबूरी होती है। ऐसे में कीमत बढ़ने से जेब पर असर पड़ेगा।”
वहीं कुछ यात्रियों ने खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई बार ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी अच्छी नहीं होती, फिर भी कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
रेलवे ने क्या दी सफाई?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी जरूरी थी। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री, दूध, तेल, सब्जियों और पैकेजिंग सामग्री की लागत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा कर्मचारियों और सप्लाई सिस्टम पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है।
रेलवे का दावा है कि बढ़ी हुई कीमतों के बदले यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता वाला खाना, साफ-सफाई और बेहतर सर्विस देने की कोशिश की जाएगी।
IRCTC की भी रहेगी अहम भूमिका
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खानपान की व्यवस्था IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) के जरिए संचालित की जाती है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में IRCTC मेन्यू और सर्विस सिस्टम में भी बदलाव कर सकता है।
रेलवे अब पैक्ड फूड, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन फूड ऑर्डर सिस्टम को भी तेजी से बढ़ावा दे रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
लंबी दूरी के यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो 10 से 20 घंटे तक ट्रेन में सफर करते हैं। ऐसे यात्रियों को यात्रा के दौरान कई बार चाय, नाश्ता और भोजन लेना पड़ता है।
अगर कोई परिवार लंबी दूरी की यात्रा कर रहा है, तो उसे अब खाने-पीने पर पहले से काफी ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
रेलवे सूत्रों के मुताबिक अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले समय में कुछ अन्य फूड आइटम्स के दाम भी बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि रेलवे की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
फिलहाल यात्रियों को नई कीमतों के साथ सफर करना होगा और देखना होगा कि बढ़ी हुई कीमतों के बदले रेलवे कितनी बेहतर सुविधाएं दे पाता है।







