रामगढ़/कैमूर:
बिहार के Ramgarh थाना क्षेत्र से रविवार को एक बेहद भयावह और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे कैमूर जिले समेत आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी। मोहनियां-चौसा NH-319 पर पनसेरवां गांव स्थित दुर्गावती नदी पुल के नीचे दो अलग-अलग सूटकेसों में दो लोगों के शव बरामद किए गए। शवों की हालत इतनी भयावह थी कि देखने वालों की रूह कांप उठी। दोनों शव कई टुकड़ों में कटे हुए थे और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों के सिर गायब मिले।
दुर्गंध से हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 10 बजे स्थानीय लोग दुर्गावती नदी पुल के पास से गुजर रहे थे। तभी पुल के नीचे पड़े दो संदिग्ध सूटकेसों से तेज दुर्गंध आने लगी। लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। पहले तो किसी ने सूटकेस के पास जाने की हिम्मत नहीं की, लेकिन बदबू लगातार बढ़ती गई। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत रामगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने दोनों सूटकेस खोले, तो अंदर इंसानी शरीर के कटे हुए अंग देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। पुलिसकर्मी भी कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए।
शवों को बेरहमी से काटा गया
प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आ रही है कि दोनों व्यक्तियों की हत्या कहीं और की गई और उसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शवों को कई टुकड़ों में काटा गया। इसके बाद शरीर के हिस्सों को अलग-अलग सूटकेस में भरकर पुल के नीचे फेंक दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शवों के सिर गायब होने से यह आशंका और मजबूत हो गई है कि अपराधियों ने पहचान मिटाने की पूरी कोशिश की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृतक पुरुष हैं या महिला, क्योंकि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत थे।
मौके पर पहुंचे एसपी हरिमोहन शुक्ला
घटना की गंभीरता को देखते हुए कैमूर पुलिस अधीक्षक Harimohan Shukla खुद घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ फोरेंसिक टीम, एफएसएल विशेषज्ञ और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम सैंपल इकट्ठा किए हैं। खून के निशान, सूटकेस की सामग्री, कपड़ों के अवशेष और अन्य सबूतों को जांच के लिए पटना एफएसएल लैब भेजा गया है।
कई एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस इस पूरे मामले की जांच कई एंगल से कर रही है।
- हत्या कहीं और हुई या घटनास्थल पर?
- शवों को सूटकेस में भरकर यहां कौन लाया?
- हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी, प्रेम प्रसंग, गैंगवार या कोई आपराधिक गिरोह?
- क्या यह मामला मानव तस्करी या संगठित अपराध से जुड़ा है?
इन सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
जिले में दर्ज नहीं हुई ऐसी कोई गुमशुदगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कैमूर जिले के किसी भी थाने में फिलहाल ऐसी कोई गुमशुदगी या हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि मृतक किसी दूसरे जिले या राज्य के हो सकते हैं और शवों को पहचान छिपाने के लिए यहां लाकर फेंका गया हो।
पुलिस अब आसपास के जिलों और राज्यों से भी संपर्क कर रही है ताकि हाल के दिनों में दर्ज गुमशुदगी मामलों का मिलान किया जा सके।
घटनास्थल पर उमड़ी भीड़
जैसे ही सूटकेस में शव मिलने की खबर फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल को घेरकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने दोनों शवों के अंगों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या कब हुई, किस तरीके से की गई और मृतकों की उम्र व पहचान क्या हो सकती है।
कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने कहा कि:
“मामला बेहद गंभीर है। फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है और जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।”
इलाके में दहशत
इस सनसनीखेज वारदात के बाद NH-319 और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर इतनी निर्ममता से हत्या किसने और क्यों की? पुलिस की पूरी टीम अब इस रहस्यमयी डबल मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है।







