Thursday, October 22, 2026
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बिहार MLC चुनाव: आज शाम थमेगा प्रचार, 8 सीटों पर NDA-महागठबंधन और जन सुराज की परीक्षा

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पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए प्रचार अभियान आज शाम 5 बजे समाप्त हो जाएगा। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कहीं जनसंपर्क अभियान चल रहा है, तो कहीं फोन कॉल और वॉइस मैसेज के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा रही है।

इस बीच पटना स्नातक सीट से जदयू प्रत्याशी और मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने से चुनावी माहौल में नई चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जान चुके हैं।

पटना स्नातक सीट पर सबसे दिलचस्प मुकाबला

आठ सीटों में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे ज्यादा चर्चा में है। जदयू ने लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके नीरज कुमार पर फिर भरोसा जताया है। वह चौथी जीत की कोशिश में हैं, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

इस सीट पर जन सुराज की ओर से डॉ. अनुज सिंह, राजद के दिलीप कुमार और कांग्रेस के असदुल्लाह खान भी मैदान में हैं। कई प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।

अनंत सिंह के समर्थन से बढ़ी सियासी हलचल

पटना स्नातक सीट का समीकरण उस समय और चर्चा में आ गया, जब मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करना शुरू किया। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद की बात पहले भी सामने आती रही है।

अनंत सिंह आरोप लगाते रहे हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव में नीरज कुमार ने उनके खिलाफ काम किया था। ऐसे में जदयू विधायक का अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के बजाय दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करना पार्टी के लिए असहज स्थिति माना जा रहा है।

चुनाव प्रचार के अंतिम चरण तक यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम का पटना स्नातक सीट के चुनावी समीकरण पर कितना असर पड़ता है।

नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने से बढ़ी चर्चा

चुनाव प्रचार के बीच नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना।

चुनाव के अंतिम दिन इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इसके चुनावी असर को लेकर अभी कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।

दरभंगा स्नातक सीट पर 40 उम्मीदवार

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी मुकाबला काफी दिलचस्प है। भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद सर्वेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। सर्वेश कुमार ने वर्ष 2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी और इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

उनके सामने राजद के अनिल कुमार झा, कांग्रेस के राजनिकांत पाठक और जन सुराज के डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी सहित अन्य प्रत्याशी हैं। इस सीट पर 40 उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की जानकारी सामने आई है, जिससे मुकाबला काफी बहुकोणीय हो गया है।

तिरहुत और कोसी स्नातक सीट पर भी कड़ा मुकाबला

तिरहुत स्नातक सीट पर एनडीए की ओर से जदयू के अभिषेक झा मैदान में हैं। उनके सामने जन सुराज के विमोहन कुमार, राजद की रश्मि विनायक गौतम और कांग्रेस के राजनिकांत पाठक समेत अन्य प्रत्याशी हैं।

वहीं, कोसी स्नातक सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद एनके यादव को फिर उम्मीदवार बनाया है। उनके मुकाबले में राजद के नीतेश कुमार, कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल और जन सुराज के रजनीश रंजन हैं।

शिक्षक सीटों पर वेतन और सेवा शर्त जैसे मुद्दे अहम

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनावी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।

  • पटना शिक्षक सीट: भाजपा के नवल किशोर यादव के सामने राजद के पूर्व विधायक संजीव कुमार सिंह, कांग्रेस के संजय यादव और जन सुराज की दिव्या ज्योति मैदान में हैं।
  • दरभंगा शिक्षक सीट: कांग्रेस ने मौजूदा विधान पार्षद मदन मोहन झा को फिर उम्मीदवार बनाया है। जन सुराज के एसपी राय उन्हें चुनौती दे रहे हैं।
  • तिरहुत शिक्षक सीट: भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह और जन सुराज के श्याम नंदन यादव के बीच मुकाबला है।
  • सारण शिक्षक सीट: जन सुराज ने मौजूदा विधान पार्षद अफाक अहमद को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद की ओर से जयराम यादव मैदान में हैं।

शिक्षक मतदाताओं के बीच वेतन, सेवा शर्त, अनुदानित शिक्षण संस्थानों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे अहम माने जा रहे हैं।

NDA, महागठबंधन और जन सुराज की परीक्षा

इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के सामने अलग-अलग चुनौतियां हैं। कई सीटों पर विपक्षी दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इससे विपक्षी मतों में बिखराव की संभावना जताई जा रही है, जिसका फायदा एनडीए को मिल सकता है।

दूसरी ओर, एनडीए के सामने स्थानीय स्तर पर नाराजगी और भीतरघात की आशंकाओं से निपटने की चुनौती है। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह के रुख ने इस पहलू को और चर्चा में ला दिया है।

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को बहुकोणीय बनाया है। अब पार्टी का प्रदर्शन भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। यदि जन सुराज कुछ सीटों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करती है, तो बिहार की राजनीति में उसके भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। कुल 164 उम्मीदवारों के मैदान में होने की जानकारी दी गई है। आज शाम 5 बजे प्रचार समाप्त होने के बाद प्रत्याशी अंतिम दौर में मतदाताओं से संपर्क और रणनीति बनाने पर ध्यान देंगे।

अब सबकी नजर मतदान पर है। चुनाव परिणाम बताएंगे कि इन आठ सीटों पर किसका राजनीतिक समीकरण सफल रहता है—एनडीए की रणनीति, महागठबंधन का मतदाता आधार या जन सुराज की नई राजनीतिक कोशिश।

पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए प्रचार अभियान आज शाम 5 बजे समाप्त हो जाएगा। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कहीं जनसंपर्क अभियान चल रहा है, तो कहीं फोन कॉल और वॉइस मैसेज के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा रही है।

इस बीच पटना स्नातक सीट से जदयू प्रत्याशी और मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने से चुनावी माहौल में नई चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जान चुके हैं।

पटना स्नातक सीट पर सबसे दिलचस्प मुकाबला

आठ सीटों में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे ज्यादा चर्चा में है। जदयू ने लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके नीरज कुमार पर फिर भरोसा जताया है। वह चौथी जीत की कोशिश में हैं, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

इस सीट पर जन सुराज की ओर से डॉ. अनुज सिंह, राजद के दिलीप कुमार और कांग्रेस के असदुल्लाह खान भी मैदान में हैं। कई प्रत्याशियों की मौजूदगी से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।

अनंत सिंह के समर्थन से बढ़ी सियासी हलचल

पटना स्नातक सीट का समीकरण उस समय और चर्चा में आ गया, जब मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करना शुरू किया। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद की बात पहले भी सामने आती रही है।

अनंत सिंह आरोप लगाते रहे हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव में नीरज कुमार ने उनके खिलाफ काम किया था। ऐसे में जदयू विधायक का अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के बजाय दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करना पार्टी के लिए असहज स्थिति माना जा रहा है।

चुनाव प्रचार के अंतिम चरण तक यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम का पटना स्नातक सीट के चुनावी समीकरण पर कितना असर पड़ता है।

नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने से बढ़ी चर्चा

चुनाव प्रचार के बीच नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना।

चुनाव के अंतिम दिन इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इसके चुनावी असर को लेकर अभी कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।

दरभंगा स्नातक सीट पर 40 उम्मीदवार

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी मुकाबला काफी दिलचस्प है। भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद सर्वेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। सर्वेश कुमार ने वर्ष 2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी और इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

उनके सामने राजद के अनिल कुमार झा, कांग्रेस के राजनिकांत पाठक और जन सुराज के डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी सहित अन्य प्रत्याशी हैं। इस सीट पर 40 उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की जानकारी सामने आई है, जिससे मुकाबला काफी बहुकोणीय हो गया है।

तिरहुत और कोसी स्नातक सीट पर भी कड़ा मुकाबला

तिरहुत स्नातक सीट पर एनडीए की ओर से जदयू के अभिषेक झा मैदान में हैं। उनके सामने जन सुराज के विमोहन कुमार, राजद की रश्मि विनायक गौतम और कांग्रेस के राजनिकांत पाठक समेत अन्य प्रत्याशी हैं।

वहीं, कोसी स्नातक सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद एनके यादव को फिर उम्मीदवार बनाया है। उनके मुकाबले में राजद के नीतेश कुमार, कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल और जन सुराज के रजनीश रंजन हैं।

शिक्षक सीटों पर वेतन और सेवा शर्त जैसे मुद्दे अहम

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनावी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।

  • पटना शिक्षक सीट: भाजपा के नवल किशोर यादव के सामने राजद के पूर्व विधायक संजीव कुमार सिंह, कांग्रेस के संजय यादव और जन सुराज की दिव्या ज्योति मैदान में हैं।
  • दरभंगा शिक्षक सीट: कांग्रेस ने मौजूदा विधान पार्षद मदन मोहन झा को फिर उम्मीदवार बनाया है। जन सुराज के एसपी राय उन्हें चुनौती दे रहे हैं।
  • तिरहुत शिक्षक सीट: भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह और जन सुराज के श्याम नंदन यादव के बीच मुकाबला है।
  • सारण शिक्षक सीट: जन सुराज ने मौजूदा विधान पार्षद अफाक अहमद को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद की ओर से जयराम यादव मैदान में हैं।

शिक्षक मतदाताओं के बीच वेतन, सेवा शर्त, अनुदानित शिक्षण संस्थानों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे अहम माने जा रहे हैं।

NDA, महागठबंधन और जन सुराज की परीक्षा

इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के सामने अलग-अलग चुनौतियां हैं। कई सीटों पर विपक्षी दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इससे विपक्षी मतों में बिखराव की संभावना जताई जा रही है, जिसका फायदा एनडीए को मिल सकता है।

दूसरी ओर, एनडीए के सामने स्थानीय स्तर पर नाराजगी और भीतरघात की आशंकाओं से निपटने की चुनौती है। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह के रुख ने इस पहलू को और चर्चा में ला दिया है।

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को बहुकोणीय बनाया है। अब पार्टी का प्रदर्शन भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। यदि जन सुराज कुछ सीटों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करती है, तो बिहार की राजनीति में उसके भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। कुल 164 उम्मीदवारों के मैदान में होने की जानकारी दी गई है। आज शाम 5 बजे प्रचार समाप्त होने के बाद प्रत्याशी अंतिम दौर में मतदाताओं से संपर्क और रणनीति बनाने पर ध्यान देंगे।

अब सबकी नजर मतदान पर है। चुनाव परिणाम बताएंगे कि इन आठ सीटों पर किसका राजनीतिक समीकरण सफल रहता है—एनडीए की रणनीति, महागठबंधन का मतदाता आधार या जन सुराज की नई राजनीतिक कोशिश।

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