पटना/भागलपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवंबर में बिहार दौरे पर आने की संभावना जताई जा रही है। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, पीएम मोदी भागलपुर पहुंच सकते हैं। उनके इस संभावित दौरे के दौरान पूर्वी बिहार को बिजली, शिक्षा, हवाई कनेक्टिविटी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है। हालांकि, प्रधानमंत्री के दौरे की तारीख और कार्यक्रम को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज
प्रधानमंत्री के संभावित भागलपुर दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार शाम इस संबंध में समीक्षा बैठक कर सकते हैं। बैठक में संभावित कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न विकास योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
अगर प्रधानमंत्री का दौरा तय होता है, तो भागलपुर एक बार फिर बड़े राजनीतिक और विकासात्मक आयोजन का केंद्र बन सकता है।
पीरपैंती थर्मल पावर स्टेशन का हो सकता है शिलान्यास
संभावित कार्यक्रम में पीरपैंती थर्मल पावर स्टेशन का शिलान्यास प्रमुख रूप से शामिल बताया जा रहा है। इस परियोजना को पूर्वी बिहार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके आगे बढ़ने से बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस परियोजना के शिलान्यास को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
विक्रमशिला के पास केंद्रीय विश्वविद्यालय की उम्मीद
भागलपुर के कहलगांव में ऐतिहासिक विक्रमशिला के आसपास नए केंद्रीय विश्वविद्यालय की आधारशिला रखे जाने की भी चर्चा है। यदि यह परियोजना आगे बढ़ती है, तो भागलपुर समेत आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का प्रस्ताव
संभावित दौरे के दौरान सुल्तानगंज में अजगैवीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किए जाने की भी चर्चा है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से भागलपुर और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
हवाई संपर्क विकसित होने से व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय आवागमन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, एयरपोर्ट परियोजना के शिलान्यास को लेकर भी आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।
3242.95 करोड़ की 459 योजनाओं की सूची PMO को भेजी गई
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान केंद्र सरकार की परियोजनाओं के साथ बिहार सरकार की योजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास कराया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, भवन निर्माण विभाग ने करीब 3242.95 करोड़ रुपये की 459 योजनाओं का ब्योरा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजा है।
इस सूची में पंचायत सरकार भवन भी शामिल हैं। भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड की सन्हौली पंचायत और शाहकुंड प्रखंड की सजौर एवं मकंदपुर पंचायत के सरकार भवनों का उद्घाटन किए जाने की संभावना है। इन भवनों की लागत करीब तीन-तीन करोड़ रुपये बताई गई है।
बांका में भी कई पंचायत सरकार भवनों का हो सकता है उद्घाटन
संभावित कार्यक्रम के तहत बांका जिले में भी बड़ी संख्या में पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन किया जा सकता है। इनमें भरको, तारडीह, गरीबपुर, पवई, खड़िहारा, सबलपुर, सोनडीहा, मोथावाड़ी, लकरामा, ककवारा, दुधारी, कंझिया, दक्षिणी कटेली, महिला विशनपुर, लोंगाय, करहरिया, तेलिया पहाड़, कोरिया, धनुषवार, सापडहर, सिकंदरपुर, डहुआ, सांगा, चिलकारा, बभनगामा, फागा, कैरी और गोकुला समेत कई पंचायतों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इन भवनों के उद्घाटन से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे की तारीख और भागलपुर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, योजनाओं की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे जाने और प्रशासनिक तैयारियों की खबरों के बाद संभावित दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
यदि यह दौरा तय होता है, तो पूर्वी बिहार को बिजली, उच्च शिक्षा, हवाई कनेक्टिविटी और पंचायत स्तर के बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है। ऐसे में नवंबर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री का संभावित दौरा क्षेत्र के विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है।







