बेगूसराय। जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज करीब दोपहर 3:30 बजे बेगूसराय पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री सह बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने उलाव स्थित कैलाशपुर मोड़ पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
अधिकारियों से ली बाढ़ की स्थिति की जानकारी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित इलाकों और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए और प्रशासनिक स्तर पर हर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
आईओसीएल गेस्ट हाउस में होगी समीक्षा बैठक
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आईओसीएल गेस्ट हाउस पहुंचेंगे। यहां संबंधित पदाधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक होगी।
बैठक में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री की उपलब्धता, आवागमन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पशु चारा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
गंगा में करीब 20 लाख क्यूसेक पानी गुजरने का दावा
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि फिलहाल गंगा में करीब 20 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा है। वहीं बॉर्डर से लेकर सोन नदी में करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उन्होंने इसे चिंता का विषय बताते हुए कहा कि प्रशासन सभी प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह अलर्ट है और लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
बाढ़ के स्थायी समाधान पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार फिलहाल कोसी और गंडक नदी पर काम कर रही थी, लेकिन अब गंगा को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा के इनवैंकमेंट (तटबंध व्यवस्था) को हर हाल में दुरुस्त किया जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां रिंग बांध बनाए जाएंगे और नए स्पर का निर्माण भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कई स्थानों पर गंगा का पानी करीब 20 किलोमीटर तक फैल रहा है। सरकार का प्रयास है कि पानी के इस फैलाव को सीमित और व्यवस्थित किया जाए। इससे बाढ़ के प्रभाव को कम करने के साथ नदी में जमा होने वाली गाद की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।







