पटना:
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी त्यागराजन एस.एम. ने आदेश जारी कर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई पर लगी रोक को 2 जून तक बढ़ा दिया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
गर्मी का प्रकोप लगातार बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला बच्चों को लू (Heatwave), हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी जनित बीमारियों से बचाने के लिए लिया गया है।
सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगा आदेश
जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश केवल सरकारी विद्यालयों तक सीमित नहीं है। जिले के सभी निजी विद्यालय, प्ले स्कूल, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इसका पालन करना होगा।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेश की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय अधिकारियों को भी निगरानी के निर्देश दिए हैं।
कक्षा 6 से 8 तक के लिए बदला समय
जिला प्रशासन ने केवल छोटे बच्चों को ही राहत नहीं दी है, बल्कि कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए भी नई समय-सारिणी लागू की है।
नए आदेश के अनुसार अब इन कक्षाओं की पढ़ाई सुबह होगी और स्कूल की छुट्टी 10:30 बजे तक कर दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं के दौरान बच्चों का बाहर रहना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
कक्षा 9 और उससे ऊपर की पढ़ाई जारी
फिलहाल कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि बड़े विद्यार्थियों में गर्मी का सामना करने की क्षमता अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसलिए उनके लिए फिलहाल कोई अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
पहले 26 मई तक था आदेश
गौरतलब है कि इससे पहले जिला प्रशासन ने 26 मई तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया था। लेकिन मौसम विभाग की रिपोर्ट और लगातार बनी गर्मी की स्थिति को देखते हुए अब इस अवधि को बढ़ाकर 2 जून तक कर दिया गया है।
मौसम ने दी थोड़ी राहत, लेकिन प्रशासन सतर्क
हालांकि गुरुवार को पटना और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। तापमान में भी मामूली गिरावट देखी गई है। इसके बावजूद प्रशासन अभी कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसी कारण जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने का फैसला बरकरार रखा है।
अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रशासन के इस फैसले पर अभिभावकों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कई माता-पिता का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है और ऐसे मौसम में स्कूल बंद रखना सही निर्णय है।
वहीं कुछ अभिभावकों को पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी सता रही है। उनका कहना है कि लगातार छुट्टियों से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो सकता है और पाठ्यक्रम पूरा करने में कठिनाई आ सकती है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों की जान और स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। हालात सामान्य होते ही विद्यालयों का संचालन फिर से नियमित कर दिया जाएगा।
पटना में गर्मी को लेकर प्रशासन की यह सख्ती बताती है कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर और भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल छोटे बच्चों को घर पर रहने और पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।







