Sunday, July 5, 2026
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बिहार के सारण में अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ, गौतम अडानी और प्रीति अडानी ने रखी नई नेत्र चिकित्सा परियोजना की आधारशिला

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सारण:
बिहार के सारण जिले के मस्तीचक में रविवार को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। Akhanda Jyoti Eye Hospital का औपचारिक उद्घाटन Gautam Adani और Priti Adani की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान दोनों ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल–अडानी सेंटर फॉर आई डिजीज़ की नई परियोजना की आधारशिला भी रखी।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले गौतम अडानी और प्रीति अडानी ने जिले के गायत्री मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद मस्तीचक पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।


ग्रामीण भारत में नेत्र चिकित्सा सेवाओं का बड़ा विस्तार

यह नई परियोजना अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल और Adani Foundation की संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य उत्तर और मध्य भारत के ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों में सस्ती और अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इस परियोजना के तहत आधुनिक इलाज के साथ-साथ प्रशिक्षण और रिसर्च सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा। परिसर में “अडानी सेंटर फॉर आई डिजीज़” और “अडानी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑप्थैल्मिक साइंसेज” जैसी विशेष संस्थाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे यह कैंपस इलाज और प्रशिक्षण दोनों का प्रमुख केंद्र बनेगा।


लाखों मरीजों को मिलेगा लाभ

अस्पताल के विस्तारित परिसर में हर साल बड़ी संख्या में मरीजों के इलाज की योजना बनाई गई है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए मुफ्त और रियायती उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अस्पताल में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, रेटिना से जुड़ी बीमारियां और बच्चों की आंखों की समस्याओं का आधुनिक तकनीक से इलाज किया जाएगा।


युवाओं और महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी है। प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को ऑप्टोमेट्री और हेल्थकेयर से जुड़े कोर्स कराए जाएंगे।

इससे एक ओर जहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को भी दूर करने में मदद मिलेगी।


2005 से सेवा का सफर, अब नई ऊंचाई

अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने वर्ष 2005 में एक छोटे संस्थान के रूप में अपनी शुरुआत की थी। आज यह संस्था लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है।

अस्पताल अब तक 14 लाख से अधिक मरीजों की आंखों की सर्जरी और उपचार कर चुका है। वहीं अडानी फाउंडेशन के विज़न केयर कार्यक्रम के तहत कई राज्यों में नेत्र जांच शिविर और मुफ्त चश्मा वितरण अभियान भी चलाए गए हैं।


बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से लाखों जरूरतमंद लोगों को लाभ मिलेगा।

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