पटना: राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र से ब्लैकमेलिंग और कथित रंगदारी वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक डॉक्टर को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर कथित तौर पर 2.03 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप लगाया गया है। डॉक्टर की पत्नी कविता देवी की शिकायत पर राजीव नगर थाने में 8 अगस्त को एक महिला, उसके पति और अन्य सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दोस्ती के बाद शुरू हुई पैसों की मांग
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में डॉक्टर विनोद कुमार की मुजफ्फरपुर की रहने वाली कोचिंग संचालिका चांदनी और उसके पति निखिल से जान-पहचान हुई थी। इसके बाद डॉक्टर और चांदनी के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत होने लगी। आरोप है कि महिला ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर डॉक्टर से 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद मांगी। डॉक्टर ने मदद के तौर पर रकम दे दी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद धीरे-धीरे पैसों की मांग बढ़ती चली गई। डॉक्टर ने शुरुआती दौर में करीब 4 से 5 लाख रुपये दिए। बाद में चांदनी ने मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा में कोचिंग संस्थान खोलने के नाम पर कथित तौर पर 10 लाख रुपये और लिए।
फोटो के आधार पर धमकाने का आरोप
परिवार का आरोप है कि नवंबर 2025 में डॉक्टर को मुशहरी स्थित कार्यालय के पास बुलाया गया। वहां एक सेल्फी फोटो का हवाला देते हुए उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया कि अगर पैसे देना बंद किया तो दुष्कर्म के मामले में फंसा दिया जाएगा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने डॉक्टर की नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा बर्बाद करने की धमकी भी दी।
स्टाम्प पेपर पर कराया गया डिक्लेरेशन
शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2025 में 1000 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर एक लीगल डिक्लेरेशन तैयार कराया गया। इसमें उस समय तक दिए गए 1,32,64,960 रुपये का उल्लेख था। इसके बावजूद कथित तौर पर पैसों की मांग जारी रही।
परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने बैंक से लोन लेने, GPF की रकम निकालने और रिश्तेदारों से उधार लेकर करीब 58 लाख रुपये और दिए। 5 जुलाई 2026 को कथित तौर पर 10 लाख रुपये की फिर मांग की गई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो कथित तौर पर लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस पैसों के लेन-देन, आरोपियों के संपर्क और पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।







