Monday, September 28, 2026
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पान मसाला खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! पैकेजिंग को लेकर FSSAI ने बदले नियम, कंपनियों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी

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नई दिल्ली: पान मसाला का सेवन करने वालों के लिए पैकेजिंग से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नए प्रावधान जारी किए हैं। इनका उद्देश्य पैकेजिंग में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री को बढ़ावा देना है।

पान मसाला देशभर में बड़ी मात्रा में छोटे पाउच और पैकेट में बेचा जाता है। इन पैकेटों से निकलने वाला कचरा लंबे समय से पर्यावरण के लिए चुनौती बना हुआ है। खासकर सड़क, नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर फेंके जाने वाले छोटे रैपर और पाउच कचरे की समस्या को बढ़ाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पैकेजिंग सामग्री के मानकों को लेकर नए नियमों पर जोर दिया गया है।

कंपनियों को पैकेजिंग पर देना होगा ध्यान

नए प्रावधानों के तहत पान मसाला उत्पादों की पैकिंग में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल करना होगा। कंपनियों को अपनी मौजूदा पैकेजिंग व्यवस्था की समीक्षा करनी पड़ सकती है और यह सुनिश्चित करना होगा कि पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री तय पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हो।

इसका असर पान मसाला निर्माताओं की उत्पादन प्रक्रिया से लेकर पैकेजिंग डिजाइन और कच्ची सामग्री की खरीद तक देखने को मिल सकता है। कंपनियों को नए मानकों के हिसाब से अपनी व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है।

प्लास्टिक कचरे को कम करने की कोशिश

प्लास्टिक लंबे समय तक नष्ट नहीं होता, जिसके कारण इससे निकलने वाला कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बनता है। पान मसाला के छोटे-छोटे पाउच बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने के कारण इनसे पैदा होने वाला पैकेजिंग कचरा भी काफी मात्रा में होता है।

FSSAI के नए प्रावधानों को इसी समस्या को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसी पैकेजिंग व्यवस्था को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।

कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है असर

पैकेजिंग सामग्री में बदलाव होने पर कंपनियों की उत्पादन लागत और पूरी पैकेजिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हालांकि, वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नए मानकों के तहत किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है और कंपनियां उसे किस तरह अपनाती हैं।

इन प्रावधानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए थे। अब नियमों के लागू होने के बाद कंपनियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।

ग्राहकों को क्या बदलाव दिखेगा?

आम उपभोक्ताओं को सबसे पहले पान मसाला के पाउच या पैकेट की पैकेजिंग में बदलाव नजर आ सकता है। हालांकि, उत्पाद की कीमत, बाजार में उपलब्धता या अन्य पहलुओं पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह कंपनियों द्वारा नए नियमों को लागू करने के बाद ही स्पष्ट होगा।

कुल मिलाकर FSSAI का यह कदम पान मसाला उद्योग की पैकेजिंग व्यवस्था को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में बाजार में प्लास्टिक के कम इस्तेमाल वाली पैकेजिंग देखने को मिल सकती है।

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