Tuesday, September 22, 2026
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भाई वीरेंद्र का बड़ा बयान, बोले- ‘लालू का साथ छोड़ देता तो शायद आज मैं उपमुख्यमंत्री होता’

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पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र ने अपने राजनीतिक सफर और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति के मुश्किल दौर में भी उन्होंने लालू प्रसाद यादव और आरजेडी का साथ नहीं छोड़ा। भाई वीरेंद्र के मुताबिक, अगर उस समय वह भी पार्टी छोड़कर किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में चले गए होते तो आज उनकी राजनीतिक हैसियत अलग हो सकती थी और संभव है कि वह उपमुख्यमंत्री के पद तक पहुंच गए होते।

आरजेडी के भीतर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाई वीरेंद्र ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि उनके खिलाफ क्या बातें कही जा रही हैं, लेकिन हर आरोप या टिप्पणी का जवाब देना वह जरूरी नहीं समझते। उन्होंने इशारों में कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक छवि बचाने के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं।

‘पार्टी के मुश्किल समय में भी नहीं छोड़ा लालू का साथ’

भाई वीरेंद्र ने अपने पुराने राजनीतिक दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय आरजेडी के पास विधानसभा में महज 22 विधायक रह गए थे। उस दौर में कई नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली थी, लेकिन उन्होंने लालू प्रसाद यादव के साथ बने रहने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि अगर वह भी उस समय पार्टी छोड़ देते तो आज उनकी राजनीतिक स्थिति बिल्कुल अलग होती। भाई वीरेंद्र ने कहा कि संभव है कि आज उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई और नहीं बल्कि वह खुद होते। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने पद या व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के बजाय पार्टी और लालू प्रसाद यादव के साथ खड़े रहने को प्राथमिकता दी।

तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा

RJD विधायक ने कहा कि वह लंबे समय से पार्टी की विचारधारा और लालू प्रसाद यादव के साथ जुड़े हुए हैं। उनका लक्ष्य आरजेडी के सिद्धांतों और विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बनें। भाई वीरेंद्र के अनुसार, पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता किसी पद या व्यक्तिगत लाभ पर आधारित नहीं है।

सम्राट चौधरी से मुलाकात पर दी सफाई

हाल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भाई वीरेंद्र की तस्वीर सामने आने के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों को लेकर हुई थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक समीकरण या दल बदल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। भाई वीरेंद्र ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री और सरकार के अधिकारियों से मिलना सामान्य प्रक्रिया है।

भाई वीरेंद्र के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरजेडी के भीतर की स्थिति और नेताओं की पार्टी के प्रति निष्ठा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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