पटना: राजधानी पटना में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस के सामने चुनौती पेश की है। रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के भूपतिपुर इलाके में मंगलवार देर रात एक युवक को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस हमले में युवक को चार गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग के जरिए हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
घायल युवक की पहचान शुभम यादव के रूप में हुई है। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी सामने नहीं आई है।
अपाचे बाइक से पहुंचे थे तीन हमलावर
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तीन संदिग्ध एक अपाचे बाइक पर सवार होकर भूपतिपुर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मौका मिलते ही उन्होंने शुभम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर बाइक से मौके से निकल गए। सूचना मिलते ही रामकृष्णा नगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है।
CCTV फुटेज बनी पुलिस की अहम कड़ी
पुलिस के लिए घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरे महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं। फुटेज की जांच कर हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी देख रही है कि आरोपी किस दिशा में भागे और वारदात से पहले उन्होंने इलाके में कितनी देर तक रेकी की थी।
फायरिंग की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस घायल शुभम के बयान के साथ-साथ उसके पुराने विवाद और आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है।
क्राइम मीटिंग के दौरान हुई फायरिंग
घटना का समय इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि मंगलवार देर रात पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा जिले के एसडीपीओ और थानाध्यक्षों के साथ अपराध नियंत्रण को लेकर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान रामकृष्णा नगर इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई।
राजधानी में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस की बैठक के दौरान ही युवक पर फायरिंग होने से कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हमले की असली वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।







