जम्मू: पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ गुरुवार, 2 जुलाई को हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुबह तड़के श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला।
अधिकारियों के अनुसार, पहले जत्थे में 4,800 से अधिक श्रद्धालु विभिन्न राज्यों से शामिल हुए, जिन्हें सुरक्षा के बीच काफिले के रूप में अमरनाथ गुफा की ओर रवाना किया गया। यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को दो प्रमुख मार्गों—पहलगाम और बालटाल—से भेजा जा रहा है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF, सेना, ITBP और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों, CCTV, हाई-टेक निगरानी प्रणाली और बम निरोधक दस्तों की मदद से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
यात्रा मार्ग पर जाने वाले प्रत्येक वाहन की जांच की जा रही है, जबकि श्रद्धालुओं के काफिले को सुरक्षा बलों की एस्कॉर्ट में आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों, एंबुलेंस, हेलीकॉप्टर सेवा और आपदा राहत दलों को भी तैनात किया है।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विश्राम स्थल, मोबाइल नेटवर्क, बिजली और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई है। दोनों मार्गों पर कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं, जहां यात्रियों को हर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
LG मनोज सिन्हा ने दी शुभकामनाएं
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा को रवाना करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुभव का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की तथा कहा कि प्रशासन हर यात्री की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
57 दिनों तक चलेगी यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा लगभग 57 दिनों तक चलेगी और रक्षाबंधन के अवसर पर इसका समापन होगा। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हिमालय की गोद में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।







