Saturday, June 27, 2026
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कौन है 194 वर्षीय ‘जोनाथन’? जिससे मिलने जा रहे हैं PM मोदी, जानिए इसकी अनोखी कहानी

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नई दिल्ली: दुनिया में ऐसे बहुत कम जीव हैं, जिन्होंने लगभग दो सदियों का इतिहास अपनी आंखों के सामने बदलते देखा हो। इन्हीं में से एक है ‘जोनाथन’, जिसे दुनिया का सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय जीव (Land Animal) माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान इसी 194 वर्षीय विशाल कछुए से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और भारत-सेशेल्स की मजबूत दोस्ती का भी प्रतीक मानी जा रही है।


कौन है ‘जोनाथन’?

जोनाथन सेशेल्स जाइंट टॉरटॉइज़ (Seychelles Giant Tortoise) प्रजाति का एक विशाल कछुआ है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उसका जन्म साल 1832 के आसपास हुआ था। यानी जब भारत में अंग्रेजी शासन अपने शुरुआती दौर में था और दुनिया औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रही थी, तब जोनाथन इस धरती पर मौजूद था।

आज उसकी उम्र 194 वर्ष मानी जाती है और इसी वजह से उसका नाम Guinness World Records में दुनिया के सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय जीव के रूप में दर्ज है। उसकी उम्र उसकी प्रजाति की सामान्य आयु से भी कहीं अधिक है।


दो सदियों का जीवित इतिहास

जोनाथन ने दुनिया के कई ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं।

जब उसका जन्म हुआ था तब—

  • भारत पर ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन था।
  • महारानी विक्टोरिया का शासन भी शुरू नहीं हुआ था।
  • न बिजली का व्यापक उपयोग था और न ही टेलीफोन का आविष्कार हुआ था।
  • मोटर कार, हवाई जहाज, टेलीविजन और इंटरनेट जैसी आधुनिक तकनीक अस्तित्व में नहीं थीं।

इसके बाद उसने दुनिया के दो विश्व युद्ध, चांद पर इंसान की पहली लैंडिंग, कंप्यूटर क्रांति, इंटरनेट युग और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक का सफर देखा है। यही कारण है कि उसे “जीवित इतिहास” भी कहा जाता है।


आखिर इतना लंबा जीवन कैसे?

विशेषज्ञों के अनुसार विशाल कछुओं की उम्र सामान्यतः 100 से 150 वर्ष तक हो सकती है, लेकिन जोनाथन ने इस सीमा को भी पार कर दिया है।

वैज्ञानिक मानते हैं कि उसकी लंबी उम्र के पीछे कई कारण हो सकते हैं—

  • प्राकृतिक और शांत वातावरण
  • संतुलित भोजन
  • नियमित चिकित्सकीय देखभाल
  • कम तनाव वाला जीवन
  • मजबूत आनुवंशिक संरचना

उसकी जीवनशैली पर लगातार शोध किया जा रहा है ताकि इंसानों और अन्य जीवों की उम्र बढ़ाने से जुड़े रहस्यों को समझा जा सके।


कहां रहता है जोनाथन?

जोनाथन वर्तमान में सेंट हेलेना (St. Helena) द्वीप के Plantation House परिसर में रहता है। यह वही स्थान है जो वहां के गवर्नर का आधिकारिक निवास है।

1882 में उसे सेशेल्स से सेंट हेलेना लाया गया था। तब भी उसकी उम्र लगभग 50 वर्ष मानी गई थी। पिछले डेढ़ सौ वर्षों से वह वहीं रह रहा है और स्थानीय प्रशासन उसकी विशेष देखभाल करता है।


बढ़ती उम्र का असर

194 वर्ष की उम्र होने के बावजूद जोनाथन आज भी सक्रिय है।

हालांकि उम्र बढ़ने के कारण—

  • उसकी आंखों की रोशनी काफी कमजोर हो चुकी है।
  • सूंघने की क्षमता लगभग समाप्त हो गई है।
  • चलने की गति पहले से धीमी हो गई है।

फिर भी वह रोजाना घास, पत्तियां, फल और सब्जियां खाता है। उसे धूप सेंकना बेहद पसंद है और उसकी देखभाल के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम हमेशा मौजूद रहती है।


PM मोदी क्यों करेंगे मुलाकात?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स के राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे देश के राष्ट्रीय दिवस (Golden Jubilee National Day) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

यात्रा के दौरान वे—

  • सेशेल्स के राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
  • संसद को संबोधित करेंगे।
  • भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे।
  • वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
  • और इसी दौरान 194 वर्षीय जोनाथन से भी मुलाकात करेंगे।

भारत के लिए क्यों अहम है सेशेल्स?

हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच वर्षों से रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को लेकर मजबूत संबंध रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है—

  • समुद्री सुरक्षा
  • ब्लू इकोनॉमी
  • जलवायु परिवर्तन
  • रक्षा सहयोग
  • हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी
  • निवेश और विकास परियोजनाएं

इस वर्ष भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं, इसलिए यह दौरा और भी खास माना जा रहा है।


क्यों खास है जोनाथन?

जोनाथन सिर्फ दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जीव ही नहीं, बल्कि धैर्य, दीर्घायु और प्रकृति की अद्भुत क्षमता का प्रतीक भी है। उसकी कहानी हमें यह संदेश देती है कि यदि प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहे और जीवों की सही देखभाल की जाए, तो वे असाधारण रूप से लंबा जीवन जी सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की जोनाथन से मुलाकात इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह दुनिया को जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश देगी।

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