रांची: झारखंड में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण संभावित सूखे का खतरा गहराने लगा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। कृषि मंत्री ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि विभाग, मौसम से जुड़े अधिकारियों और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों ने राज्य में वर्षा की स्थिति, फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव और किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी जिलों में हालात पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत संबंधी कदम उठाए जाएं।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की सभी कृषि योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के हर पात्र किसान तक पहुंचे। उन्होंने बीज, सिंचाई, तकनीकी सलाह और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि बारिश की कमी से किसानों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति, जलस्तर और फसलों की नियमित निगरानी करें। साथ ही किसानों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी और सलाह उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे मौसम की परिस्थितियों के अनुसार खेती की रणनीति बना सकें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो खरीफ फसलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने और किसी भी संभावित सूखा जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है।
फिलहाल सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।







