(विराट कृष्ण)
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में इन दिनों रूफटॉप सोलर योजना तेजी से लोगों की जिंदगी बदल रही है। महंगी बिजली, बढ़ते घरेलू खर्च और ऊर्जा संकट के बीच अब आम जनता सोलर ऊर्जा की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही भारी सब्सिडी के कारण लोग अपने घरों, दुकानों और संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर वर्षों तक सस्ती और लगभग मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं।
प्रदेश में इस योजना को लेकर लोगों में इतना उत्साह है कि शहरों से लेकर गांवों तक सोलर सिस्टम लगाने की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऊर्जा विभाग के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक उपभोक्ता अपने घरों की छतों पर विभिन्न कंपनियों के सोलर पैनल लगवा चुके हैं। आने वाले महीनों में यह संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बिजली बिल से राहत, जनता में खुशी
रूफटॉप सोलर योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ताओं का बिजली बिल बेहद कम हो जाता है। कई परिवार ऐसे हैं जिनका मासिक बिजली बिल पहले 4 से 5 हजार रुपये तक आता था, लेकिन सोलर सिस्टम लगने के बाद उनका बिल कुछ सौ रुपये तक सीमित हो गया है। कुछ उपभोक्ता तो नेट मीटरिंग व्यवस्था के जरिए अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर रहे हैं।
लखनऊ निवासी एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने अपने मकान की छत पर 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाया है, जिससे अब पूरे घर की बिजली जरूरत पूरी हो जाती है। उनका कहना है कि सरकार की सब्सिडी मिलने से लागत भी काफी कम हो गई और कुछ वर्षों में पूरा खर्च निकल जाएगा।
सरकार दे रही भारी सब्सिडी
केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस योजना को जनहित की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल कर रही हैं। सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र लगाने पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे मध्यमवर्गीय और सामान्य परिवार भी आसानी से सोलर सिस्टम लगवा पा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए बड़े स्तर पर बजट उपलब्ध कराया गया है, वहीं राज्य सरकार भी करोड़ों रुपये की अतिरिक्त सहायता दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ें और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो।
पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि रूफटॉप सोलर व्यवस्था सिर्फ बिजली बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है। सौर ऊर्जा प्रदूषण मुक्त और पूरी तरह हरित ऊर्जा मानी जाती है। इससे कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर दबाव कम होता है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बड़े पैमाने पर लोग सोलर ऊर्जा अपनाते हैं तो आने वाले वर्षों में बिजली संकट काफी हद तक कम हो सकता है।
योगी सरकार की प्राथमिकता बनी योजना
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार इस योजना को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही है। प्रशासनिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। ऊर्जा विभाग गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को सोलर सिस्टम के फायदे समझा रहा है।
सरकार का मानना है कि यह योजना भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यही वजह है कि सोलर कंपनियों को भी तेजी से काम करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के निर्देश दिए गए हैं।
कंपनियां भी दे रहीं आसान सुविधाएं
प्रदेश में कई निजी कंपनियां उपभोक्ताओं को आसान किस्तों, इंस्टॉलेशन सुविधा और मेंटेनेंस सेवाओं के साथ सोलर सिस्टम उपलब्ध करा रही हैं। इससे लोगों के लिए सोलर पैनल लगवाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।
कई कंपनियां ऑनलाइन आवेदन, निरीक्षण और इंस्टॉलेशन की सुविधा भी दे रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
गांवों में भी बढ़ा क्रेज
सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सोलर ऊर्जा को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। किसान सिंचाई, घरेलू उपयोग और छोटे व्यवसायों के लिए सोलर सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बिजली कटौती की समस्या से भी राहत मिल रही है।
भविष्य में और बढ़ेगा दायरा
ऊर्जा विभाग का मानना है कि आने वाले समय में रूफटॉप सोलर योजना का दायरा और तेजी से बढ़ेगा। सरकार नई योजनाओं और अतिरिक्त सब्सिडी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने की तैयारी कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी गति से लोग सोलर ऊर्जा अपनाते रहे, तो उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े सोलर ऊर्जा उपभोक्ता राज्यों में शामिल हो सकता है।






