लखनऊ | विराट कृष्ण की रिपोर्ट
बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। खासकर बुजुर्गों के लिए गिरना या फिसलना गंभीर खतरे का कारण बन सकता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ आलोक श्रीवास्तव ने वरिष्ठ नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि हड्डी टूटने की समस्या बुजुर्गों के लिए बेहद कष्टदायक और लंबे समय तक परेशान करने वाली हो सकती है।
डॉ आलोक श्रीवास्तव के अनुसार सीनियर सिटीजन को सीढ़ियों, बाथरूम और फिसलन वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को बिना सहारे के कपड़े बदलने या बंद कमरों में अकेले रहने से भी बचना चाहिए, क्योंकि अचानक चक्कर आने या संतुलन बिगड़ने से गिरने का खतरा अधिक रहता है।
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बुजुर्गों में बढ़ जाता है गिरने का खतरा
डॉ आलोक बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। खासकर महिलाओं में कैल्शियम की कमी और कमजोरी के कारण हड्डियां ज्यादा नाजुक हो जाती हैं।
ऐसे में हल्की चोट या फिसलन भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि सीलन और गीली जगहों पर बुजुर्गों के गिरने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए घर के बाथरूम और फर्श को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
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बाथरूम में गिरने से टूटी कलाई की हड्डी
73 वर्षीय प्रभावती देवी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह एक रिश्तेदार के घर मांगलिक कार्यक्रम में गई थीं। इसी दौरान बाथरूम में अचानक चक्कर आने से वह गिर पड़ीं, जिससे उनकी कलाई की हड्डी टूट गई।
परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉ डी. चौधरी ने समय रहते उनका इलाज किया।
प्रभावती देवी का कहना है कि बढ़ती उम्र में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है।
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कैल्शियम, धूप और व्यायाम बेहद जरूरी
डॉ आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि बुजुर्गों को कैल्शियम युक्त भोजन, नियमित धूप और हल्का व्यायाम जरूर करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सुबह की धूप शरीर को विटामिन-डी देती है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं। वहीं टहलना और हल्का व्यायाम शरीर को फुर्तीला बनाए रखने में मदद करता है।
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क्या रखें सावधानी?
- बाथरूम में एंटी-स्लिप मैट लगाएं
- सीढ़ियों पर रेलिंग का सहारा लें
- रात में पर्याप्त रोशनी रखें
- नियमित कैल्शियम और विटामिन-डी लें
- बिना सहारे के फिसलन वाली जगह पर न जाएं
- रोज हल्का व्यायाम और टहलना जरूरी
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“अपना ख्याल खुद रखें”
डॉ आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि बढ़ती उम्र में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
उन्होंने कहा कि “अपना ख्याल खुद रखना ही स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुजुर्ग समय रहते सावधानी बरतें, तो हड्डी टूटने जैसी गंभीर समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।







