Sunday, July 5, 2026
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सावधान! आपकी ये आदत बढ़ा सकती है बवासीर का खतरा

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आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग खाना खाते समय, सोने से पहले, चलते समय और यहां तक कि टॉयलेट में भी मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई एक हेल्थ स्टडी ने इस आदत को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। रिसर्च के अनुसार, टॉयलेट में लंबे समय तक बैठकर मोबाइल चलाने की आदत हेमोरॉइड्स यानी बवासीर का खतरा लगभग 46% तक बढ़ा सकती है।

डॉक्टरों का कहना है कि यह समस्या अब तेजी से युवाओं में भी बढ़ रही है। पहले बवासीर को उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब गलत लाइफस्टाइल और खराब आदतों के कारण कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं।

क्या है हेमोरॉइड्स या बवासीर?

बवासीर एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। इससे दर्द, जलन, खुजली, सूजन और कई बार खून आने जैसी समस्या हो सकती है।

डॉक्टर बताते हैं कि यह बीमारी शुरुआत में सामान्य लगती है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है। कई मामलों में मरीज को सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है।

स्टडी में क्या सामने आया?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की रिसर्च में पाया गया कि जो लोग टॉयलेट में 10 मिनट से ज्यादा समय बिताते हैं, उनमें हेमोरॉइड्स का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि मोबाइल फोन के कारण लोग टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा देर बैठे रहते हैं। सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, वीडियो देखना या गेम खेलना अब आम आदत बन चुकी है। इससे व्यक्ति को समय का अंदाजा नहीं रहता और शरीर पर लगातार दबाव पड़ता रहता है।

रिसर्च के मुताबिक, यह दबाव गुदा की नसों पर असर डालता है, जिससे नसें फूलने लगती हैं और धीरे-धीरे बवासीर की समस्या पैदा हो सकती है।

टॉयलेट में ज्यादा देर बैठना क्यों खतरनाक?

डॉक्टरों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठा रहता है, तो शरीर का पूरा वजन निचले हिस्से पर पड़ता है। इससे वहां की नसों में ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।

अगर यह स्थिति रोज होती रहे, तो नसें कमजोर होकर सूजने लगती हैं। यही आगे चलकर हेमोरॉइड्स का कारण बनता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि पश्चिमी देशों की तरह अब भारत में भी “Toilet Sitting Syndrome” जैसी समस्या तेजी से बढ़ रही है।

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि पहले 40 से 50 साल की उम्र के लोगों में यह बीमारी ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब 20 से 35 साल के युवाओं में भी बवासीर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है—

  • घंटों बैठकर काम करना
  • फास्ट फूड और जंक फूड
  • कम पानी पीना
  • एक्सरसाइज की कमी
  • कब्ज की समस्या
  • टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करना

कब्ज और बवासीर का गहरा संबंध

विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज (Constipation) बवासीर की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। जब मल सख्त हो जाता है, तो उसे बाहर निकालने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इससे नसों पर दबाव बढ़ता है।

अगर व्यक्ति पहले से ही टॉयलेट में ज्यादा देर बैठता हो, तो खतरा और बढ़ जाता है।

बवासीर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

डॉक्टरों के अनुसार, अगर शरीर में ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए—

  • मल त्याग के समय दर्द
  • खून आना
  • गुदा के आसपास सूजन
  • खुजली या जलन
  • बैठने में परेशानी
  • कब्ज की लगातार समस्या
  • मल त्याग के बाद भी पेट साफ न लगना

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञों ने कुछ आसान लेकिन बेहद जरूरी उपाय बताए हैं—

1. टॉयलेट में मोबाइल बिल्कुल न ले जाएं

यह आदत सबसे पहले बदलनी जरूरी है।

2. 5 मिनट से ज्यादा न बैठें

जरूरत पूरी होते ही बाहर आ जाएं।

3. भरपूर पानी पिएं

दिनभर 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूरी माना जाता है।

4. फाइबर वाला भोजन करें

हरी सब्जियां, सलाद, फल और साबुत अनाज कब्ज रोकने में मदद करते हैं।

5. एक्सरसाइज करें

रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें।

6. ज्यादा मसालेदार और बाहर का खाना कम खाएं

जंक फूड पेट की समस्या बढ़ा सकता है।

डॉक्टरों की बड़ी सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि बवासीर को लेकर लोग अक्सर खुलकर बात नहीं करते, जिससे बीमारी बढ़ती चली जाती है। अगर शुरुआती लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि छोटी-सी लापरवाही और गलत आदतें आगे चलकर बड़ी बीमारी का कारण बन सकती हैं। इसलिए समय रहते लाइफस्टाइल सुधारना बेहद जरूरी है।

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