देश के कई हिस्सों में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का शरीर गर्मी को जल्दी महसूस करता है, इसलिए उन्हें लू और हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है।
अस्पतालों में इन दिनों बुखार, डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में विशेषज्ञों ने माता-पिता को बच्चों की देखभाल को लेकर खास सतर्क रहने की सलाह दी है।
आखिर बच्चों को जल्दी क्यों लगती है लू?
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों की बॉडी का तापमान बड़े लोगों की तुलना में जल्दी बढ़ जाता है। उनका शरीर पसीने के जरिए गर्मी को उतनी तेजी से कंट्रोल नहीं कर पाता। यही कारण है कि तेज धूप और गर्म हवा बच्चों के शरीर को जल्दी प्रभावित करती है।
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो बच्चे हीट स्ट्रोक का शिकार भी हो सकते हैं, जो कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर देता है।
दोपहर की धूप सबसे ज्यादा खतरनाक
विशेषज्ञों ने कहा है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों को बाहर खेलने या घूमने से बचाना चाहिए। इस समय तापमान सबसे ज्यादा होता है और लू चलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो बच्चों को पूरी तरह ढककर रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं, सिर पर टोपी लगाएं और साथ में पानी जरूर रखें।
AC का तापमान कितना होना चाहिए?
गर्मी बढ़ते ही लोग घंटों AC में रहने लगते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों के लिए बहुत ज्यादा ठंडा AC नुकसानदायक हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक—
- कमरे का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
- बच्चे को सीधे AC की हवा में न सुलाएं।
- बहुत ज्यादा ठंडा कमरा बच्चों को सर्दी, खांसी और सांस की परेशानी दे सकता है।
- कमरे में थोड़ी ताजी हवा का आना भी जरूरी है।
डॉक्टरों ने सलाह दी कि बाहर की तेज गर्मी से अचानक बहुत ठंडे कमरे में जाने से भी बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए तापमान संतुलित रखना जरूरी है।
बच्चों को क्या खिलाएं?
गर्मी के मौसम में बच्चों का खानपान बेहद अहम माना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इस समय बच्चों को हल्का, पौष्टिक और पानी से भरपूर भोजन देना चाहिए।
बच्चों के लिए फायदेमंद चीजें
- तरबूज
- खरबूजा
- खीरा
- ककड़ी
- नारियल पानी
- दही और छाछ
- नींबू पानी
- मौसमी फल
विशेषज्ञों ने बताया कि जंक फूड, ज्यादा मसालेदार चीजें और बाहर का खुला खाना बच्चों को कम देना चाहिए, क्योंकि इससे पेट की समस्या और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।
कितना पानी पिलाना चाहिए?
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में बच्चों को सिर्फ प्यास लगने पर ही पानी नहीं देना चाहिए, बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पिलाते रहना चाहिए।
अगर बच्चा बाहर खेल रहा हो या ज्यादा एक्टिव हो, तो पानी की मात्रा और बढ़ा देनी चाहिए। छोटे बच्चों को ORS, नारियल पानी और घर का बना नींबू पानी भी दिया जा सकता है।
लू लगने के क्या हैं संकेत?
विशेषज्ञों ने बताया कि अगर बच्चे में ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं—
- तेज बुखार
- शरीर बहुत गर्म लगना
- चक्कर आना
- उल्टी होना
- कमजोरी या सुस्ती
- सांस लेने में परेशानी
- लगातार रोना या चिड़चिड़ापन
- बेहोशी जैसा महसूस होना
ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
मोबाइल और स्क्रीन टाइम भी बढ़ा सकता है परेशानी
डॉक्टरों ने यह भी कहा कि गर्मी में लगातार मोबाइल, टीवी या गेम खेलने से बच्चों की आंखों और शरीर पर असर पड़ सकता है। बच्चों को समय-समय पर आराम देना चाहिए और उन्हें पर्याप्त नींद भी जरूरी है।
डॉक्टरों की खास सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसलिए माता-पिता को बच्चों के खानपान, पानी, कपड़ों और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
सही देखभाल, पर्याप्त पानी और संतुलित तापमान बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रख सकता है।







