पटना | अर्चना पांडेय
जेठ की तपती धूप और लगातार बढ़ते तापमान के बीच भी जनगणना का महत्वपूर्ण कार्य लगातार जारी है। भीषण गर्मी के बावजूद जनगणना कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों से जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर इस कार्य को पूरा कर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जा सके।
साहित्य और लोकजीवन में अक्सर “पूस की सर्द रात” और “जेठ की भीषण गर्मी” कठिन परिस्थितियों के प्रतीक माने जाते रहे हैं। वर्तमान समय में यही कठिन परिस्थितियां जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी हैं। मई माह के पहले सप्ताह से शुरू हुआ यह महत्वपूर्ण सरकारी कार्य इस महीने के अंत तक पूरा किया जाना है।
भीषण गर्मी के बीच घर-घर पहुंच रहे कर्मी
जनगणना कर्मी तेज धूप, उमस और लू जैसी परिस्थितियों के बावजूद लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। कई स्थानों पर उन्हें लोगों का सहयोग मिल रहा है, जबकि कुछ जगहों पर असहयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। ऐसे में कम से कम कुछ मिनट का समय और एक गिलास पानी देकर जनगणना कर्मियों का सहयोग किया जाना चाहिए।
बेनीपट्टी क्षेत्र में जारी है कार्य
सूत्रों के अनुसार बेनीपट्टी प्रखंड के कई गांवों और पंचायतों में अभी भी जनगणना का कार्य जारी है। संवाददाता जे. रूद्र देव की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ इलाकों में लोगों ने कर्मचारियों के साथ सहयोग नहीं किया, जिससे कार्य प्रभावित हुआ।
हालांकि कई गांवों में लोगों ने सकारात्मक पहल भी दिखाई। टटुआर गांव के पाठक टोले में जनगणना कर्मियों का स्वागत शरबत पिलाकर किया गया और उनसे पूछे गए सवालों की पूरी जानकारी दी गई।
इस सहयोग की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में फैलने के बाद पुताई पंचायत के बौहरबा गांव में भी ग्रामीणों ने संबंधित कर्मचारियों का सहयोग किया और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
“जनगणना राष्ट्रीय जिम्मेदारी”
गांव के वरिष्ठ नागरिक रजनीकांत झा ‘राजू’ ने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मानवीय सोच के साथ जनगणना कर्मियों को सही जानकारी दें और उनका सम्मान करें, ताकि यह कार्य समय पर और सही तरीके से पूरा हो सके।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने भी आम लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की आधारशिला होते हैं।







