“गांव से विकास और विकास से समृद्धि ही नए बिहार की दिशा”
पटना | नवीन कुमार
जद (यू) के मीडिया पैनलिस्ट डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने सोशल मीडिया संवाद के दौरान बिहार की विकास यात्रा और नई पीढ़ी की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से बिहार में विकास की जो मजबूत नींव रखी, आज वही मॉडल नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि “सात निश्चय योजना” केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि बिहार के सामाजिक और आर्थिक बदलाव की ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इस योजना के जरिए गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है।
सात निश्चय के तीन चरणों ने बदली तस्वीर
डॉ. पांडेय ने कहा कि सात निश्चय योजना के पहले चरण में सड़क, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। दूसरे चरण में सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। अब तीसरे चरण का उद्देश्य बिहार को आर्थिक रूप से समृद्ध और विकसित राज्य बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और आधुनिक कृषि व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
नई पीढ़ी से विकास की उम्मीद
डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने कहा कि बिहार की जनता अब नई पीढ़ी से भी विकास की इसी प्रतिबद्धता की अपेक्षा कर रही है। इसी क्रम में Nishant Kumar समाज के बीच संवाद, सद्भाव और विकास का संदेश लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निशांत कुमार लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से मिल रहे हैं और युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों व कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुन रहे हैं। उनका उद्देश्य विकसित बिहार के अगले चरण की रूपरेखा को जमीन पर समझना है।
“विकास की गति रुकनी नहीं चाहिए”
डॉ. पांडेय के अनुसार, निशांत कुमार का स्पष्ट मानना है कि विकास की रफ्तार कभी नहीं रुकनी चाहिए। गांव मजबूत होने चाहिए, युवाओं को अवसर मिलने चाहिए और किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि निशांत कुमार की सबसे बड़ी पहचान उनकी सादगी, संस्कार और जनता से सीधा जुड़ाव है। उन्होंने हमेशा अपने परिवार की विरासत को गर्व के साथ स्वीकार किया है और सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि उन्हें अपनी मां के संस्कार और पिता के कार्यों पर गर्व है।
“ट्रिपल सी” पर सख्त रुख
डॉ. पांडेय ने कहा कि निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में “ट्रिपल सी” यानी—
- Crime (अपराध)
- Corruption (भ्रष्टाचार)
- Communalism (सांप्रदायिकता)
—से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उनका मानना है कि कानून का राज, ईमानदार व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव ही बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
सद्भाव यात्रा बनी जनता से संवाद का माध्यम
उन्होंने कहा कि निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने का अभियान बनती जा रही है। इस यात्रा के जरिए वे लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और बिहार के विकास को लेकर नई सोच को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
अंत में डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने कहा कि साफ नीयत, स्पष्ट सोच और समर्पित नेतृत्व से ही सकारात्मक बदलाव संभव है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास की मजबूत बुनियाद रखी है और अब नई पीढ़ी उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विकसित बिहार के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।







