Monday, July 6, 2026
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मानसून को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, फील्ड में नहीं मिले अधिकारी तो होगी सख्त कार्रवाई

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मानसून के आगमन से पहले बिहार सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। संभावित बाढ़, जलजमाव और तटबंध टूटने जैसी स्थितियों से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी को लेकर शुक्रवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री Vijay Kumar Choudhary ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने, तटबंधों का निरीक्षण करने और नहरों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।

“फील्ड में नहीं मिले तो होगी कठोर कार्रवाई”

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा:

“पूरी जिम्मेदारी आप लोगों की है। आप सभी सक्षम अधिकारी हैं, लेकिन आज से यह आदत बना लीजिए कि हर परिस्थिति में फील्ड में जाना है, तटबंधों पर जाना है और नहरों की निगरानी करनी है। अगर कोई अधिकारी मौके पर नहीं मिला और मैं वहां पहुंच गया, तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।”1

उनके इस बयान के बाद विभागीय अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है।

तटबंधों और नहरों की होगी विशेष निगरानी

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि:

  • सभी तटबंधों का गहन निरीक्षण किया जाए,
  • कमजोर हिस्सों की तुरंत मरम्मत हो,
  • नहरों और बांधों की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए,
  • संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाए।

उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि बारिश के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाढ़ नियंत्रण को लेकर सरकार गंभीर

बिहार में हर साल कई जिलों में बाढ़ की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। खासकर:

  • कोसी,
  • गंडक,
  • बागमती,
  • कमला,
  • और गंगा किनारे के इलाकों

में जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ जाते हैं। ऐसे में सरकार इस बार पहले से तैयारी में जुटी हुई है।

विजय चौधरी ने कहा कि:

  • सरकार बाढ़ नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है,
  • जल संसाधन विभाग को लगातार सक्रिय रहना होगा,
  • और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश

बैठक में मौजूद अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि:

  • सभी अधूरे मरम्मत कार्य जल्द पूरे किए जाएं,
  • मशीनरी और आपदा राहत संसाधन तैयार रखें,
  • तथा हर संवेदनशील क्षेत्र की रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को भेजी जाए।

मानसून से पहले प्रशासनिक सख्ती

सरकार की इस सख्ती को मानसून से पहले प्रशासनिक तैयारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बार सरकार बाढ़ और जलजमाव को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

अब देखने वाली बात होगी कि विभागीय अधिकारी इन निर्देशों को जमीन पर कितनी तेजी और गंभीरता से लागू करते हैं।

  1. ↩︎

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