हेल्थ डेस्क: किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी को लेकर खान-पान से जुड़ी कई धारणाएं लोगों के बीच प्रचलित हैं। इनमें एक आम धारणा यह भी है कि टमाटर खाने से किडनी में पथरी हो सकती है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है? विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों के मुताबिक सामान्य मात्रा में टमाटर खाने को सीधे तौर पर किडनी स्टोन बनने का कारण मानना सही नहीं है।
क्या टमाटर खाने से होती है किडनी स्टोन?
नेशनल किडनी फाउंडेशन के मुताबिक टमाटर खाने से किडनी स्टोन बनने पर सामान्य तौर पर कोई असर नहीं पड़ता। वहीं Mayo Clinic के नेफ्रोलॉजिस्ट के अनुसार टमाटर जैसे अधिक पानी वाले फल और सब्जियों में प्राकृतिक साइट्रेट पाया जाता है, जो कुछ परिस्थितियों में स्टोन बनने से बचाव वाली डाइट का हिस्सा हो सकता है।
इसलिए केवल इस डर से टमाटर को पूरी तरह डाइट से हटाना कि इससे पथरी हो जाएगी, आम तौर पर जरूरी नहीं माना जाता। हालांकि जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है और पोटैशियम नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है, उन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के मुताबिक टमाटर की मात्रा तय करनी चाहिए।
आखिर किन चीजों से बढ़ सकता है पथरी का खतरा?
किडनी स्टोन कई प्रकार के होते हैं और इनके बनने के कारण भी अलग-अलग हो सकते हैं। सबसे आम प्रकार कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन है। शरीर में पेशाब के अंदर कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे पदार्थ अधिक केंद्रित हो जाएं तो क्रिस्टल बनने और बाद में पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पथरी का जोखिम बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में कम पानी पीना, ज्यादा नमक खाना, अत्यधिक एनिमल प्रोटीन और कुछ हाई-ऑक्सलेट खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन शामिल हो सकता है। पारिवारिक इतिहास, मोटापा और कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी जोखिम बढ़ा सकती हैं।
इन हाई-ऑक्सलेट चीजों पर रखें नजर
जिन लोगों को खास तौर पर कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन बनने की समस्या रही है, उन्हें डॉक्टर पालक, चुकंदर, रूबर्ब, कुछ नट्स, चॉकलेट और अधिक ऑक्सलेट वाली दूसरी चीजों की मात्रा नियंत्रित करने की सलाह दे सकते हैं। हर व्यक्ति को इन खाद्य पदार्थों को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती।
कम पानी पीना बड़ी वजह
किडनी स्टोन से बचाव में पर्याप्त पानी पीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। शरीर में पानी कम होने पर पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है, जिससे स्टोन बनाने वाले पदार्थों के क्रिस्टल बनने की संभावना बढ़ती है। गर्म मौसम में रहने वाले या ज्यादा पसीना बहाने वाले लोगों को इस बात का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।
ज्यादा नमक और मीट भी बढ़ा सकते हैं जोखिम
बहुत अधिक नमक वाला भोजन किडनी द्वारा फिल्टर किए जाने वाले कैल्शियम की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे कुछ लोगों में स्टोन का जोखिम बढ़ सकता है। इसी तरह अधिक मात्रा में एनिमल प्रोटीन का सेवन यूरिक एसिड स्टोन के खतरे से जुड़ा पाया गया है।
कैल्शियम को पूरी तरह बंद करना भी सही नहीं
किडनी स्टोन का नाम सुनकर कई लोग दूध और कैल्शियम वाली चीजें खाना बंद कर देते हैं, लेकिन यह हर मामले में सही तरीका नहीं है। भोजन से मिलने वाला उचित कैल्शियम आंत में ऑक्सलेट के साथ जुड़कर उसके अवशोषण को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
क्या करें?
किडनी स्टोन से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं, नमक और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड सीमित रखें और संतुलित आहार लें। अगर पहले किडनी स्टोन हो चुका है तो यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि स्टोन किस प्रकार का था, क्योंकि उसी आधार पर डॉक्टर सही डाइट और इलाज की सलाह दे सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किडनी स्टोन, किडनी रोग या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।







