बक्सर: जिले में सड़क परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 108.43 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी योजना को मंजूरी दी गई है। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग की ओर से ओपीआरएमसी-3 पैकेज 36 बी के तहत जिले की 17 प्रमुख सड़कों के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस योजना में सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के साथ अगले सात वर्षों यानी 84 महीनों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी शामिल की गई है। योजना का उद्देश्य जिले के प्रमुख मार्गों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम बनाना है।
17 प्रमुख सड़कों का होगा कायाकल्प
योजना के तहत सड़कों की मरम्मत, सुदृढ़ीकरण, नियमित रखरखाव और आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन मरम्मत की जाएगी। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ किसानों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं को भी बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इन 17 सड़कों में कई ऐसे मार्ग शामिल हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य उच्च पथों से जुड़ते हैं। इनमें NH-30, NH-120 के अलावा SH-13, SH-14 और SH-17 से जुड़े मार्ग शामिल हैं।
जलजमाव से बचाव के लिए पुलिया और कलवर्ट
सड़क सुधार के साथ जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है। जरूरत के अनुसार पुलिया और कलवर्ट का निर्माण कराया जाएगा।
इससे बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव और बाढ़ के कारण सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सात साल तक होगा सड़कों का रखरखाव
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि 84 महीने तक नियमित रखरखाव भी शामिल है।
प्रारंभिक चरण में सड़कों के गड्ढों और अन्य कमियों को दूर किया जाएगा। इसके बाद समय-समय पर सड़क का सुदृढ़ीकरण और जरूरत के अनुसार नई अलकतरा परत बिछाने का काम किया जाएगा।
इसके अलावा सड़कों की नियमित सफाई, छोटी-मोटी मरम्मत और सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई भी कराई जाएगी। दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में आपातकालीन मरम्मत का प्रावधान भी रखा गया है।
सड़क सुरक्षा पर भी रहेगा जोर
परियोजना में सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़कों पर थर्माप्लास्टिक रोड मार्किंग कराई जाएगी। इससे वाहन चालकों को सड़क की दिशा और लेन की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।
सड़क निर्माण और रखरखाव के दौरान भूमिगत पाइपलाइन और केबल को नुकसान से बचाने के लिए भी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।
सड़क क्षेत्र में मिट्टी निकालने या अवैध तरीके से खुदाई पर रोक रहेगी। किसी भी तरह की खुदाई से पहले ‘कॉल बिफोर यू डिग’ ऐप का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा।
इन 17 सड़कों का होगा कायाकल्प
- दिनारा NH-30 से जलहरा SH-17 पथ — 16.226 किमी
- चौसा गोला-बक्सर पथ SH-13 — 10.802 किमी
- मोहनियां पंजरांव पुल से चौसा गोला पथ SH-14 — 3.390 किमी
- परसथुआ बाजार NH-30 से महावीर स्थान SH-14 पथ — 12.540 किमी
- चौसा-धनसोईं पथ — 17.500 किमी
- चौसा-चुन्नी-पवनी-कमरपुर पथ (किमी 0.00 से 4.365) — 4.365 किमी
- चौसा-चुन्नी-पवनी-कमरपुर पथ (किमी 4.365 से 10.69) — 6.325 किमी
- पड़री-सोनवर्षा पथ (किमी 0.00 से 4.00) — 4 किमी
- पड़री-सोनवर्षा पथ (किमी 4.00 से 7.00) — 3 किमी
- आरा-बक्सर पथ (किमी 0.80 से 2.00) — 1.200 किमी
- चौसा-कर्मनाशा पथ का पहुंच पथ — 0.735 किमी
- देवल घाट स्थित HCL पुल का पहुंच पथ — 0.950 किमी
- सरेंजा SH-17 से कोरानसराय NH-120 पथ — 28.650 किमी
- आरा-बक्सर पथ (किमी 0.00 से 0.80) — 0.800 किमी
- आरा-बक्सर पथ (किमी 2.00 से 2.60) — 0.600 किमी
- चौसा गोला-बक्सर पथ SH-13 (किमी 10.802 से 12.802) — 2 किमी
- चौसा गोला-कोचस पथ, बसही पुल तक SH-17 — 22 किमी
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
इस योजना के पूरा होने के बाद बक्सर जिले के ग्रामीण और प्रमुख इलाकों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। बेहतर सड़कों से आवागमन सुगम होने के साथ कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों और छात्रों के आवागमन को भी फायदा मिल सकता है।
108.43 करोड़ रुपये से अधिक की यह परियोजना और सात वर्षों के रखरखाव का प्रावधान बक्सर जिले की सड़क व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







