पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सियासी खींचतान थमती नजर नहीं आ रही है। पार्टी के मौजूदा MLC और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुलकर सामने आने के बाद पार्टी स्तर पर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की गई। हालांकि, इसके बावजूद अनंत सिंह अपने रुख से पीछे हटते नजर नहीं आ रहे हैं। अनंत सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। इसके बजाय वह डॉ. अनुज सिंह के साथ खड़े होने की बात कह चुके हैं। उनके इस रुख के बाद JDU के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार की बंद कमरे में बैठक
इसी विवाद के बीच 7 सितंबर को अनंत सिंह और JDU MLC नीरज कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं की JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ करीब 35 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई। माना गया कि बैठक में पटना स्नातक सीट को लेकर दोनों नेताओं के बीच चल रहे मतभेद और पार्टी के सामने पैदा हुई स्थिति पर चर्चा हुई। पार्टी स्तर पर इसे विवाद को सुलझाने और चुनाव से पहले सार्वजनिक तौर पर किसी तरह की खींचतान को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा गया। हालांकि, बैठक के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य होती नजर नहीं आई। बैठक से बाहर निकलने के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और चुपचाप पार्टी कार्यालय से निकल गए। वहीं, नीरज कुमार ने कहा कि पहले अनंत सिंह ने क्या कहा, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि आज उन्होंने कुछ कहा क्या? साथ ही उन्होंने दावा किया कि अनंत सिंह उनके समर्थन में हैं।
बैठक के बाद भी अनुज सिंह के साथ दिखे अनंत सिंह
पार्टी कार्यालय में बैठक के बावजूद अनंत सिंह के रुख में बदलाव के संकेत नहीं मिले। मंगलवार देर शाम वह अपने समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के साथ बिहटा पहुंचे। दोनों नेता स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश सिंह की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इस दौरान डॉ. अनुज सिंह ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘दादा’ यानी अनंत सिंह का आशीर्वाद और समर्थन मिल चुका है। अब उन्हें सिर्फ जनता के आशीर्वाद की जरूरत है। अनुज सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगा है कि पार्टी कार्यालय में हुई बैठक के बावजूद क्या अनंत सिंह और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद दूर हो पाए हैं।
नीरज कुमार के लिए बढ़ सकती है चुनौती
अनंत सिंह के लगातार सामने आने से पटना स्नातक सीट का चुनावी समीकरण भी चर्चा में आ गया है। एक तरफ JDU के मौजूदा MLC और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार हैं, वहीं दूसरी तरफ अनंत सिंह अपने समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के साथ नजर आ रहे हैं। बिहटा में अनुज सिंह के साथ अनंत सिंह की मौजूदगी को उनके पहले के रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे संकेत मिल रहा है कि पार्टी स्तर पर हुई बातचीत के बावजूद फिलहाल उनके रुख में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। हालांकि, चुनावी समीकरण पर इसका वास्तविक असर क्या होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
JDU के सामने अब बड़ा सवाल
पूरे घटनाक्रम ने JDU नेतृत्व के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। पार्टी कार्यालय में बंद कमरे में बैठक होने के बावजूद अनंत सिंह का अपने समर्थित प्रत्याशी के साथ सार्वजनिक तौर पर दिखाई देना कई सवाल खड़े कर रहा है। अनंत सिंह पहले ही नीरज कुमार के समर्थन से इनकार कर चुके हैं। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक हुई और फिर कुछ ही समय बाद वह अनुज सिंह के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए। ऐसे में पटना स्नातक सीट को लेकर JDU की अंदरूनी खींचतान अभी खत्म होती नहीं दिख रही है।
‘दादा का आशीर्वाद’ बयान से बढ़ी चर्चा
डॉ. अनुज सिंह का यह कहना कि उन्हें अनंत सिंह का आशीर्वाद और समर्थन मिल चुका है, पूरे घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि यह बयान पार्टी नेतृत्व के साथ अनंत सिंह की बैठक के बाद सामने आया है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में JDU नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है और क्या अनंत सिंह को नीरज कुमार के समर्थन में लाने की कोशिश सफल होती है। फिलहाल पटना स्नातक सीट को लेकर तस्वीर यही है कि बैठक हुई, बातचीत हुई, लेकिन अनंत सिंह के रुख में बदलाव के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में चुनाव से पहले JDU की अंदरूनी सियासत और गरमाने की संभावना बनी हुई है।







