Thursday, July 30, 2026
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तमिलनाडु में 31 जुलाई से नहीं मिलेगा चिकन! बिक्री बंद का ऐलान, जानिए पूरा विवाद और किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

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चेन्नई: तमिलनाडु में 31 जुलाई 2026 से चिकन की बिक्री पर बड़ा असर पड़ने वाला है। राज्य के ब्रॉयलर चिकन विक्रेता संघ ने 31 जुलाई से अनिश्चितकालीन चिकन बिक्री बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं, होटल-रेस्तरां कारोबार और पोल्ट्री उद्योग पर असर पड़ने की आशंका है।

क्या है पूरा विवाद?

चिकन विक्रेताओं का आरोप है कि कुछ पोल्ट्री उत्पादक ब्रॉयलर मुर्गियों को ऐसा चारा (फीड) दे रहे हैं, जिससे चिकन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विक्रेता लंबे समय से फीड के बेहतर नियमन और गुणवत्ता नियंत्रण की मांग कर रहे थे, लेकिन उनका कहना है कि उनकी मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में बिक्री बंद करने का फैसला लिया गया है।

कितनी बड़ी होगी हड़ताल?

रिपोर्टों के अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 1 लाख पोल्ट्री दुकानों के बंद रहने की संभावना है। इससे राज्य के कई हिस्सों में चिकन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पुडुचेरी में भी इस फैसले का असर देखने को मिल सकता है।

सबसे ज्यादा असर किन पर पड़ेगा?

  • आम उपभोक्ता – चिकन की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना।
  • होटल, रेस्तरां और फूड डिलीवरी व्यवसाय – चिकन आधारित व्यंजनों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
  • पोल्ट्री किसान और सप्लाई चेन – बिक्री रुकने से आर्थिक नुकसान का खतरा।
  • चिकन विक्रेता – दुकानें बंद रहने से रोज़ाना की आय प्रभावित होगी।

क्या सरकार के खिलाफ है यह आंदोलन?

विक्रेता संघ का कहना है कि उनका विरोध सीधे सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य पोल्ट्री उद्योग में फीड की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समाधान सुनिश्चित कराना है।

आगे क्या?

यदि विक्रेताओं और पोल्ट्री उत्पादकों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलता, तो चिकन की बिक्री बंद लंबे समय तक जारी रह सकती है। हालांकि, यदि समझौता हो जाता है, तो हड़ताल वापस लेने की संभावना भी बनी हुई है।

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