Bihar Breaking News: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बिहार स्टूडेंट यूनियन (BSU) के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया है कि परीक्षा परिणाम में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों और बिहार के मूल निवासियों के साथ भेदभाव किया गया है। उन्होंने बिहार सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
दिलीप कुमार का कहना है कि मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में ऐसे नियम लागू किए गए, जिनसे हिंदी माध्यम के छात्रों को नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार निबंध की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर पहले की तुलना में अलग प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
छात्र नेता ने यह भी दावा किया कि सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी की बड़ी संख्या में सीटों पर बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। उनका कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सफल अभ्यर्थियों में कितने उम्मीदवार बिहार के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पढ़े हैं।
दिलीप कुमार ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई हो तो उसे सार्वजनिक करने की मांग की है।
फिलहाल BPSC की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह आरोप हैं, जिनकी पुष्टि जांच या आयोग के आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी.







