पटना: बिहार अब सिर्फ अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण के नए केंद्र के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। राज्य सरकार की बिहार फिल्म प्रमोशन पॉलिसी 2024 का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। इसी नीति के तहत बिहार में अब तक 45 फिल्मों और अन्य प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की मंजूरी मिल चुकी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन 45 प्रोजेक्ट्स में 22 हिंदी, 19 भोजपुरी, 1 मगही, 1 अंग्रेजी-भोजपुरी, 1 हिंदी-मैथिली और 1 मैथिली भाषा की फिल्में शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि बिहार अब केवल भोजपुरी सिनेमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के फिल्म निर्माताओं की भी पहली पसंद बनता जा रहा है।
39 प्रोजेक्ट्स की शूटिंग पूरी, बाकी पर काम जारी
बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम (BSFDFC) के मुताबिक जुलाई 2024 से अब तक स्वीकृत 45 प्रोजेक्ट्स में से 39 की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी फिल्मों की शूटिंग राज्य के विभिन्न जिलों में जारी है।
फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज भी शामिल
स्वीकृत 45 प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं—
- 38 फीचर फिल्में
- 6 डॉक्यूमेंट्री
- 1 वेब सीरीज
इससे साफ है कि बिहार केवल फिल्मों ही नहीं, बल्कि ओटीटी और डॉक्यूमेंट्री निर्माण का भी नया केंद्र बन रहा है।
इन जगहों पर हो रही है शूटिंग
फिल्मों की शूटिंग मुख्य रूप से बिहार के प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों पर की जा रही है। इनमें—
- पटना
- राजगीर
- बोधगया
- गया
- मुंगेर
- चंपारण
जैसे स्थान शामिल हैं। इन लोकेशनों के माध्यम से बिहार की संस्कृति, इतिहास, धार्मिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
फिल्म निर्माताओं को क्या मिल रही है सुविधा?
बिहार सरकार की फिल्म प्रमोशन पॉलिसी के तहत फिल्म निर्माताओं को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 4 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। वहीं हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों को भी उत्पादन लागत का 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा शूटिंग अनुमति, सिंगल विंडो क्लियरेंस और प्रशासनिक सहयोग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बिहार बन रहा नया फिल्म हब
विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म शूटिंग बढ़ने से राज्य में रोजगार, पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलेगा। आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है।







