पटना, (नवीन कुमार):
राजधानी पटना के जीपीओ गोलंबर के समीप स्थित यात्री बस एवं टेम्पो पड़ाव की बदहाल स्थिति अब यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे और असुरक्षा के माहौल में बदल जाता है। मौके की तस्वीरें साफ तौर पर यह दर्शाती हैं कि यहां पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है।
यह पड़ाव पटना के सबसे व्यस्त सार्वजनिक परिवहन केंद्रों में गिना जाता है, जहां से दानापुर, फुलवारीशरीफ, गांधी मैदान, पटना सिटी सहित कई इलाकों के लिए बस, ऑटो और टेम्पो की सुविधा मिलती है। लेकिन यात्रियों का कहना है कि रात के समय यहां खड़ा होना किसी खतरे से कम नहीं लगता।
अंधेरे में सफर, हर पल डर का माहौल
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि शाम ढलते ही पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण बन जाता है। सड़क किनारे गड्ढे, टूटी सड़कें और अपर्याप्त लाइट के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
एक महिला यात्री ने कहा कि रात में यहां वाहन का इंतजार करना काफी असुरक्षित महसूस होता है। कई बार सुनसान माहौल और अंधेरे के कारण डर लगता है कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
फुटपाथ पर सोने को मजबूर लोग
मौके की तस्वीरों में यह भी देखा गया कि कुछ लोग सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। इससे इलाके की अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही साफ दिखाई देती है। यात्रियों का कहना है कि यहां न तो बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही किसी प्रकार का सुरक्षित प्रतीक्षालय।
दुर्गंध और गंदगी से बढ़ी परेशानी
यात्रियों और ऑटो चालकों ने शिकायत की कि पूरे पड़ाव के आसपास गंदगी और दुर्गंध फैली रहती है। नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
“क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?”
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि राजधानी के इतने महत्वपूर्ण यात्री पड़ाव पर यदि सुरक्षा और रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कदम उठाने चाहिए।
यात्रियों की प्रमुख मांगें
- हाईमास्ट एवं LED लाइट की व्यवस्था
- नियमित पुलिस गश्ती
- साफ-सफाई और दुर्गंध से निजात
- महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित प्रतीक्षालय
- सड़क और फुटपाथ की मरम्मत
- बस एवं ऑटो पड़ाव का व्यवस्थित संचालन
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।







