Monday, July 6, 2026
Home जुर्म NEET पेपर और MBBS एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी! दिल्ली...

NEET पेपर और MBBS एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी! दिल्ली पुलिस ने किया बड़े गिरोह का भंडाफोड़

245

नई दिल्ली।

NEET-UG 2026 परीक्षा और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड और राजद के राष्ट्रीय सचिव Santosh Kumar Jaiswal का नाम भी सामने आया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह छात्रों और अभिभावकों को NEET प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने तथा MBBS में पक्के दाखिले का झांसा देकर ठगी कर रहा था।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब सूरत पुलिस से सूचना मिली कि कुछ लोग दिल्ली में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से भारी रकम वसूल रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की और जांच के दौरान महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित कई होटलों पर छापेमारी की। इसी दौरान चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में विनोद भाई भीखा भाई पटेल, संत प्रताप सिंह, डॉ. अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम और कथित मास्टरमाइंड संतोष कुमार जायसवाल शामिल बताए गए हैं।

छात्रों को ‘प्रश्नपत्र’ देने के नाम पर ले जाया गया

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने NEET परीक्षा से पहले 18 छात्रों को अपने जाल में फंसा लिया था। इनमें कुछ नाबालिग छात्र भी शामिल थे। आरोप है कि छात्रों को ‘लीक प्रश्नपत्र’ और मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने का लालच देकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्रों को उनके परिवारों से अलग कर रहे थे ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। जांचकर्ताओं ने गाजियाबाद के एक अस्पताल के पास जाल बिछाकर तीन छात्रों को छुड़ाया, जबकि बाद में एक फ्लैट पर छापेमारी कर 15 अन्य छात्रों को भी सुरक्षित निकाला गया।

20 से 30 लाख रुपये तक की मांग

जांच में सामने आया है कि आरोपी अभिभावकों से प्रत्येक छात्र के लिए 20 से 30 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे। गिरोह कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज में पक्के दाखिले की गारंटी देता था।

पुलिस के अनुसार, कुछ परिवारों से अग्रिम रकम भी ली गई थी। इसके अलावा आरोपियों ने छात्रों के अभिभावकों से 10वीं और 12वीं की मूल मार्कशीट, हस्ताक्षर किए गए खाली चेक और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिए थे।

फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करने का आरोप

दिल्ली पुलिस का दावा है कि गिरोह द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे कथित प्रश्नपत्र पूरी तरह फर्जी थे। आरोप है कि इन्हें पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और कोचिंग संस्थानों की सामग्री को मिलाकर तैयार किया गया था ताकि छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित किया जा सके।

जांच एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से कथित प्रश्न-उत्तर सामग्री के 149 पन्ने, हस्ताक्षर किए गए तीन खाली चेक और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

गिरोह की भूमिका कैसे बंटी थी?

पुलिस जांच के अनुसार—

  • संतोष कुमार जायसवाल पर पूरे नेटवर्क की साजिश रचने का आरोप है।
  • डॉ. अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम कथित फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करता था।
  • संत प्रताप सिंह छात्रों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालता था।
  • विनोद पटेल गुजरात सहित अन्य राज्यों के अभिभावकों और छात्रों से संपर्क कर उन्हें नेटवर्क में जोड़ता था।

परीक्षा से पहले ही हुआ खुलासा

दिल्ली पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो कई और छात्र इस गिरोह के शिकार हो सकते थे। पुलिस ने जिन छात्रों को बचाया, उनमें कई छात्र तीन मई को होने वाली NEET परीक्षा में शामिल होने वाले थे।

जांचकर्ताओं ने बताया कि छात्रों को समझाने के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क होने की आशंका

प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह केवल दिल्ली या गुजरात तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

NEET अभ्यर्थियों और अभिभावकों में चिंता

इस खुलासे के बाद NEET अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के नाम पर सक्रिय ऐसे गिरोह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

विशेषज्ञों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के ‘पक्का एडमिशन’ या ‘लीक प्रश्नपत्र’ के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक प्रक्रिया पर भरोसा करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here