कोलकाता | ए. मान की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राज्य में नई सरकार बनने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन अब जनहित के मुद्दों पर तेजी से काम करता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद Suvendu Adhikari ने कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।
अवैध टोल सेंटर बंद होने से लोगों को राहत
बताया जा रहा है कि झारखंड सीमा के पास संचालित एक कथित अवैध टोल टैक्स कलेक्शन सेंटर को बंद करा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
लंबे समय से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग और वाहन चालक इस टोल सेंटर को लेकर शिकायत कर रहे थे। लोगों का आरोप था कि यहां अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे आम जनता परेशान थी।
नई सरकार की कार्रवाई के बाद अब लोगों को राहत मिलने की बात कही जा रही है।
कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्ती से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार राज्य के संवेदनशील और तनावग्रस्त इलाकों पर सरकार की विशेष नजर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन को लगातार अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
सीमावर्ती इलाकों पर भी नजर
रिपोर्ट के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ाई गई हैं। प्रशासन का दावा है कि अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में छिटपुट घटनाओं की खबरें अब भी सामने आ रही हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि नई सरकार के सख्त रवैये से असामाजिक तत्वों में डर का माहौल बना हुआ है।
जनता को बेहतर प्रशासन की उम्मीद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद जनता अब बेहतर कानून व्यवस्था और तेज प्रशासनिक फैसलों की उम्मीद कर रही है।
राज्य सरकार के शुरुआती फैसलों को लेकर समर्थकों में उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं विपक्ष भी सरकार की कार्यशैली पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल और प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।







