पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री Sanjeev Arora को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। ED की इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है और विपक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने पहले मंत्री से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की और दस्तावेजों की जांच की। लंबी पूछताछ के बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं।
गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया, जबकि Aam Aadmi Party ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।
वहीं, ED अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में मंत्री को अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां ED रिमांड की मांग कर सकती है।
इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं और इसका राज्य की राजनीति पर कितना असर पड़ता है।







