Tuesday, June 23, 2026
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कैमूर में सनसनीखेज वारदात, विवाहिता की हत्या के बाद शव जंगल में जलाने का आरोप; उपप्रमुख समेत दो गिरफ्तार

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कैमूर से बंटी जायसवाल की रिपोर्ट…

कैमूर : बिहार के कैमूर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रामपुर प्रखंड अंतर्गत करमचट थाना क्षेत्र के मड़ैचा गांव में लापता विवाहिता की हत्या कर शव को जंगल में जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में रामपुर प्रखंड के उपप्रमुख सुनील यादव समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतका के पिता ने दर्ज कराई नामजद प्राथमिकी

जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान पिंकी देवी के रूप में हुई है। मृतका के पिता बेलांव थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव निवासी शिव प्रसाद यादव ने करमचट थाने में आवेदन देकर बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पति समेत सात लोगों पर मारपीट कर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने इस मामले में रामपुर प्रखंड के उपप्रमुख सुनील यादव और इंद्रजीत यादव उर्फ इंदल को गिरफ्तार किया है। दोनों को मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।

आठ साल पहले हुई थी शादी

पुलिस के अनुसार पिंकी देवी की शादी करीब आठ वर्ष पहले मड़ैचा गांव निवासी सर्वजीत यादव के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। मृतका के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र लगभग छह और चार वर्ष बताई जा रही है।

मृतका के पिता के अनुसार 4 मई से पिंकी देवी अचानक ससुराल से गायब थी। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो 5 मई को करमचट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस जांच में खुला मामला

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर छानबीन शुरू की। जब पुलिस मृतका के घर पहुंची तो घर के कई सदस्य फरार मिले। इसके बाद पुलिस ने उपप्रमुख सुनील यादव और इंद्रजीत यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

शुरुआत में दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद कथित तौर पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 4 मई की रात पिंकी देवी और इंदल की पत्नी के बीच विवाद और मारपीट हुई थी।

पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि उसी रात पिंकी देवी ने फांसी लगा ली। इसके बाद शव को अधौरा पहाड़ी के जंगल में ले जाकर जला दिया गया ताकि साक्ष्य मिटाया जा सके।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को एफएसएल टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने जंगल से जले हुए अवशेषों के नमूने एकत्र किए हैं। अब डीएनए जांच के जरिए शव की पहचान कराई जाएगी।

पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

करमचट थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान ने बताया कि मामले में नामजद अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। गांव में घटना के बाद तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं मृतका के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

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