बगहा : बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अंतर्गत पिपरासी क्षेत्र में तेंदुए के हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। बताया जा रहा है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर वन क्षेत्र से निकलकर एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में पहुंच गया और अलग-अलग जगहों पर हमला कर तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में भय और अफरा-तफरी का माहौल है। लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
खेत से लौट रही महिला पर अचानक हमला
जानकारी के अनुसार पिपरासी पंचायत के मनिया छापर गांव निवासी 25 वर्षीय रवीना खातून खेत में काम करने के बाद घर लौट रही थीं। इसी दौरान घात लगाए तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में रवीना गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला।
घायल रवीना को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तुरंत पिपरासी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया।
दो अन्य लोगों पर भी हमला
तेंदुए का आतंक यहीं नहीं रुका। कुछ ही देर बाद भीलोरवा टोला निवासी 56 वर्षीय धानमति देवी भी तेंदुए के हमले का शिकार हो गईं। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें बचाया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे।
इसी दौरान 35 वर्षीय मनोज शर्मा पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मनोज शर्मा भी इस हमले में घायल हो गए। लगातार तीन लोगों पर हमले की घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों में डर और आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। शाम होते ही गांव में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से जंगली जानवरों का आबादी वाले इलाके में आना लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सह राजद नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुकेश कुशवाहा ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को जल्द पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए। साथ ही उन्होंने घायलों को उचित मुआवजा और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की भी मांग की।
वन विभाग की टीम मौके पर रवाना
उधर वन विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। बगहा रेंजर मालाकार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम तेंदुए के पगमार्ग का निरीक्षण करेगी और उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ संभवतः भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। फिलहाल ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले खेत या जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की गई है।
लगातार बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में अक्सर जंगली जानवरों के रिहायशी क्षेत्रों में आने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कभी बाघ, कभी तेंदुआ तो कभी जंगली हाथियों की वजह से ग्रामीणों में डर बना रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का दायरा कम होने और भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर आबादी की ओर रुख कर रहे हैं।
फिलहाल पिपरासी और आसपास के गांवों में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है, जबकि ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।







