Wednesday, October 28, 2026
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10 करोड़ की लागत से भागलपुर को बाढ़ से बचाने की तैयारी, गंगा किनारे युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य

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भागलपुर: बिहार में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बाढ़ की आशंका को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से गंगा नदी के किनारे कटावरोधी कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि अब तक करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, ममलखा गांव तथा गोपालपुर-इस्माइलपुर तटबंध के आसपास गंगा के बढ़ते कटाव को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर बोल्डर पिचिंग, जियो बैग बिछाने और तट सुरक्षा से जुड़े अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन इलाकों में हर साल गंगा के कटाव से किसानों की जमीन, सड़कें और गांव प्रभावित होते रहे हैं। इस बार समय रहते सुरक्षा कार्य शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि मानसून के चरम पर पहुंचने से पहले सभी जरूरी काम पूरे किए जा सकें। विभाग के अनुसार, परियोजना का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी निर्धारित समय सीमा के भीतर समाप्त कर दिया जाएगा।

हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो बाढ़ के दौरान कटाव का खतरा फिर से बढ़ सकता है।

प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण भी जारी रहेगा।

प्रशासन को उम्मीद है कि कटावरोधी कार्य पूरा होने के बाद इस वर्ष बाढ़ और नदी कटाव से होने वाले नुकसान में काफी कमी आएगी और हजारों लोगों की आबादी तथा कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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