Saturday, October 24, 2026
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बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया अंतिम चरण में, 10 से 14 सितंबर के बीच मिलेगा नया स्कूल

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पटना: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। शिक्षकों के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ट्रांसफर से जुड़ी गतिविधियां दिखाई देने लगी हैं। कई शिक्षकों के पोर्टल पर औपबंधिक नियुक्ति पत्र से संबंधित विकल्प भी नजर आने लगा है। हालांकि, अभी संबंधित पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण शिक्षक अपने नए विद्यालय के आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।

विभागीय कार्यक्रम के अनुसार, 10 से 14 सितंबर के बीच सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को विद्यालय आवंटन से संबंधित पत्र जारी किया जाना है। इसके बाद 15 सितंबर से शिक्षक अपने आवंटित नए विद्यालय में योगदान दे सकेंगे।

ई-शिक्षा कोष पर दिखने लगा विकल्प

स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों की सबसे ज्यादा नजर फिलहाल ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर है। कई सरप्लस शिक्षकों के अकाउंट में औपबंधिक नियुक्ति पत्र से संबंधित विकल्प दिखाई देने लगा है।

हालांकि, शिक्षकों के अनुसार विकल्प दिखाई देने के बावजूद संबंधित पत्र अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके चलते शिक्षक बार-बार अपने ई-शिक्षा कोष अकाउंट को चेक कर रहे हैं।

नई पोस्टिंग को लेकर शिक्षकों में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता भी है। कुछ शिक्षक अपने वर्तमान विद्यालय से दूर जाने को लेकर चिंतित हैं, जबकि कई शिक्षक घर के आसपास विद्यालय मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

10 से 14 सितंबर के बीच होगा विद्यालय आवंटन

विभागीय कार्यक्रम के मुताबिक 10 सितंबर से 14 सितंबर के बीच सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जाने हैं।

विद्यालय आवंटन से संबंधित पत्र ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर से नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

स्थानांतरण के बाद कई विद्यालयों में नए शिक्षक पहुंचेंगे, जबकि कुछ स्कूलों से मौजूदा शिक्षक दूसरी जगह स्थानांतरित हो जाएंगे। इससे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और पदस्थापन की स्थिति में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

बांका में 144 शिक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच

इधर, बांका में 144 शिक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्रों को स्वास्थ्य विभाग के पास सत्यापन के लिए भेजा गया है।

अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल जांच की रिपोर्ट सोमवार तक मिलने की संभावना है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया को सोमवार देर रात या मंगलवार तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।

गंभीर बीमारी का हवाला देकर स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र का सत्यापन महत्वपूर्ण है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इन आवेदनों पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

औपबंधिक आवंटन के बाद आपत्ति का मौका

शिक्षकों को औपबंधिक विद्यालय आवंटन के बाद आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाएगा। यदि किसी शिक्षक को लगता है कि विद्यालय आवंटन में कोई त्रुटि हुई है या उन्हें उनके विकल्प के अनुरूप विद्यालय नहीं मिला है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।

प्राप्त आपत्तियों की जांच और समाधान के बाद अंतिम स्थानांतरण पत्र जारी किया जाएगा। यानी ई-शिक्षा कोष पर दिखाई देने वाला शुरुआती विकल्प अंतिम आवंटन नहीं माना जाएगा।

औपबंधिक आवंटन, आपत्ति और उसके समाधान के बाद स्थानांतरण की अंतिम प्रक्रिया पूरी होगी।

मंगलवार तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद

अधिकारियों के अनुसार मेडिकल प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसे जल्द पूरा किए जाने की संभावना है। इसके बाद स्थानांतरण की अगली प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ सकती है।

संभावना है कि मंगलवार तक सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को आवंटित विद्यालयों की जानकारी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दिखाई देने लगे।

अब शिक्षकों की नजर अगले कुछ दिनों की प्रक्रिया पर टिकी है। 10 से 14 सितंबर के बीच विद्यालय आवंटन और 15 सितंबर से नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो जाएगा।

इसके बाद राज्य के कई सरकारी स्कूलों में नए शिक्षकों की आमद और स्थानांतरित शिक्षकों की नई तैनाती देखने को मिलेगी।

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